बीजिंग/लंदन. कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के खिलाफ दुनिया के कई देशों में इमरजेंसी और मास वैक्सीनेशन (Covid-19 Vaccine) शुरू कर दिया गया है. हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation-WHO) ने ये कहकर सबको चौंका दिया है कि म्यूटेटेड कोरोना वायरस और दुनिया के हालातों के मद्देनज़र फिलहाल दुनिया में कहीं भी 'हर्ड इम्युनिटी' की संभावना नज़र नहीं आ रही है. उधर चीन (China) में कोरोना वायरस के कारण फिर से गंभीर हालात को देखते हुए लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया गया है. साथ ही बीजिंग के करीब स्थित प्रांत में होने वाली बड़ी राजनीतिक कॉन्फ्रेंस को भी टाल दिया गया.

दरअसल, बीजिंग के दक्षिण में स्थित गुआन (Gu'an) शहर के निवासियों को मंगलवार से घर के भीतर ही रहने के निर्देश दिए गए हैं. यह निर्देश सात दिनों के लिए है जो देश भर के विभिन्न प्रांतों में विशेषकर वुहान में लागू किया गया है. वुहान में पिछले साल महामारी की शुरुआत के बाद 11 मिलियन लोगों को 76 दिनों के लिए लॉकडाउन के तहत घरों में बंद कर दिया गया था. हेबेइ (Hebei) में हर साल फरवरी में होने वाले पीपुल्स कांग्रेस और इसकी एडवाजरी बॉडी की मीटिंग को भी टाल दिया. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये राजनीतिक कॉन्फ्रेंस दोबारा कब होगी. पिछले साल चीन (China) में मार्च में होने वाले नेशनल पीपुल्स कांग्रेस और इसकी एडवाइजरी की बैठक को मई तक टाल दिया था. इसके सत्र की अवधि को कम कर दिया गया. हेबेइ के प्रांतीय स्वास्थ्य आयोग ने मंगलवार को 40 नए मामले रिपोर्ट किए.

WHO ने जाहिर की निराशा
सोमवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में, डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि निकट भविष्य में कई देशों को कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए शारीरिक दूरी समेत अन्य सख्त उपायों पर ही निर्भर होना होगा. हाल के सप्ताहों में, ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, इजरायल और नीदरलैंड समेत अन्य देशों ने अपने नागरिकों को कोरोना का टीका लगाना शुरू कर दिया है. स्वामीनाथन ने कहा कि भले ही वैक्सीन संवेदनशील लोगों की रक्षा करना शुरू कर दे, लेकिन 2021 में हम हर्ड इम्यूनिटी विकसित नहीं कर पाएंगे. अगर कुछ जगहों या कुछ देशों में ऐसा होता है, तो भी यह दुनियाभर के लोगों की रक्षा करने वाला नहीं है. वैज्ञानिक के अनुसार आमतौर पर हर्ड इम्यूनिटी के लिए लगभग 70% टीकाकरण दर की आवश्यकता होती है. इससे किसी बीमारी के खिलाफ पूरी आबादी सुरक्षित हो जाती है लेकिन कोरोना काफी संक्रामक है, ऐसे में कुछ का मानना है इसके लिए 70 फीसद से बात नहीं बनेगी.
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक के सलाहकार डॉ. ब्रूस आयलवर्ड ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी उम्मीद कर रही है कि कोरोना वायरस टीकाकरण इस महीने के अंत में या फरवरी में दुनिया के कुछ गरीब देशों में शुरू हो सकता है. वैश्विक समुदाय से सभी देशों तक टीकों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए और अधिक प्रयास करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ को कमजोर आबादी के टीकाकरण शुरू करने के लिए विशेष रूप से टीका निर्माताओं के सहयोग की आवश्यकता है.

चीन ने नए निर्देश जारी किये
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि एक शादी समारोह के बाद 300 से अधिक कोविड-19 के मामले सामने आए हैं. बीजिंग में एक नया संक्रमण का मामला सामने आया है. इसके साथ ही देश में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 87,591 हो गई और मरने वालों की संख्या 4,634 है. संक्रमण के हालात को देखते हुए नागरिकों को यात्रा न करने के निर्देश दिए गए हैं, स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा टेस्टिंग में तेजी लाने को कहा गया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) के वैज्ञानिक गुरुवार को चीन पहुंचेगे और 2019 के अंत में संक्रमण की शुरुआत के कारणों की जांच करेंगे. जेनेवा में हुए एक न्यूज ब्रीफिंग के दौरान WHO के महासचिव टेड्रोस अधनम घेब्रेसस ने जानकारी दी कि विभिन्न देशों के वैज्ञानिक इस बात का पता लगाएंगे की कोविड-19 संक्रमण कैसे फैला. उन्होंने कहा, 'वुहान में इस महामारी के स्रोत की जांच की जाएगी.'