वॉशिंगटन:अमेरिका के मिशिगन में रहने वाली एक दंपती ने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्होंने पिछले नौ सालों में 2.6 करोड़ डॉलर (186 करोड़ रुपए) लॉटरी से जीते। हालांकि, यह रकम उन्होंने किसी हेर-फेर से नहीं, बल्कि गणित की तरकीबों और लॉटरी सिस्टम की एक छोटी कमी की बदौलत जीती। 

रिटायरमेंट के बाद शुरू किया लॉटरी खेलना
जेरी सेलबी (80) और मार्ज सेलबी (81) के मुताबिक, लॉटरी खेलने से पहले वे इवार्ट शहर में एक दुकान चलाते थे। हालांकि, 60 की उम्र पार होने के बाद उन्होंने वह स्टोर बेच दिया और रिटायर हो गए। 2003 में जब जेरी अपने पुराने स्टोर में कुछ खरीदने के लिए लौटे तो उन्हें वहां विंडफॉल लॉटरी का ब्रोशर मिला। 

जेरी के मुताबिक, कॉलेज के समय वे गणित में काफी अच्छे थे। ऐसे में लॉटरी का ब्रोशर पढ़कर उन्हें इसमें काफी दिलचस्पी हुई। जेरी को यकीन हो गया कि वह इस लॉटरी से पक्के तौर पर बड़ा फायदा कमा सकते हैं। वह भी आसान गणित से। इसके बाद ही उन्होंने अपनी पत्नी के साथ लॉटरी खेलने का फैसला किया। 

लॉटरी की कमी का उठाया फायदा
जेरी ने इंटरव्यू में बताया कि लॉटरी जीतना आसान इसलिए था, क्योंकि इसमें 50 लाख डॉलर लिमिट रखी गई थी। यानी अगर लॉटरी की वैल्यू 50 लाख डॉलर पहुंचने तक किसी के सभी छह नंबर ड्रॉ के नंबरों से मैच नहीं हुए, तो यह रकम उन लोगों के बीच बांटी जाती है जिनके पांच, चार या तीन नंबर भी ड्रॉ से मैच हो जाते हैं। 

लॉटरी में जेरी ने पहली बार में 3600 डॉलर के टिकट खरीदे। गणित का इस्तेमाल कर उन्होंने इससे 6300 डॉलर कमाए। अगली बार में उन्होंने पत्नी की मदद से लॉटरी में 8000 डॉलर लगाए और बदले में दुगनी रकम कमाई। जेरी और मार्ज ने बताया कि जल्द ही दोनों लॉटरी में हजारों खर्च कर लाखों का मुनाफा कमा रहे थे। इसकी बदौलत दोनों ने एक इनवेस्टमेंट कंपनी भी खोल ली थी। इसमें वे रिश्तेदारों और दोस्तों का पैसा लगाकर उन्हें भी लॉटरी जिताते थे। 

हालांकि, इसी बीच सेल में कमी के चलते विंडफॉल लॉटरी बंद हो गई। लेकिन मैसाचुसेट्स राज्य में वैसी ही एक लॉटरी लंबे समय से चल रही थी। ऐसे में दंपती ने फैसला किया वे जरूरत पड़ने पर 14 घंटे लंबा सफर पूरा कर मैसाच्युसेट्स जाएंगे और वहां से टिकट खरीदकर पैसा जीतेंगे। मार्ज के मुताबिक, इतना लंबा सफर तय करने के बाद वे वहीं एक होटल में 10 घंटे तक टिकटों का गणित लगाते थे और पैसे जीतते थे। 

2011 में अखबार ने खोजा था लॉटरी जीतने का राज
सेलबी दंपती ने 2011 के बाद लॉटरी खेलना बंद कर दिया। जेरी ने बताया कि उस दौरान बॉस्टन ग्लोब अखबार को यह खबर मिल गई थी कि कोई लॉटरी के जरिए बड़ी रकम कमा रहा है। इस पर जब पुलिस ने जांच की तो उन्हें सेलबी और एमआईटी के एक लॉटरी खेलने वाले समूह की जानकारी मिली। हालांकि, रकम जीतने के लिए कोई गैरकानूनी काम सामने नहीं आया। साथ ही इससे सरकार को भी काफी फायदा हो रहा था। 

जेरी ने शो में बताया कि नौ साल में लॉटरी की जीत के जरिए उन्होंने अपने छह बच्चों, 14 नातियों और 10 परनातियों का खर्च उठाया। सेलबी दंपती से प्रभावित होकर अब फिल्ममेकर्स उनकी जिंदगी पर फिल्म बना रहे हैं। इसके राइट्स सेलबी दंपती ने ही खरीदे हैं।