सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड के एक दिन बाद भारत बायोटेक की कोवैक्सिन की भी डिलीवरी शुरू हो गई है। कोवैक्सिन की पहली खेप बुधवार सुबह 6.40 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से हैदराबाद से दिल्ली भेजी गई। दिल्ली के अलावा बेंगलुरु, चेन्नई, पटना, जयपुर, लखनऊ, रांची, कुरूक्षेत्र, कोच्चि समेत 11 शहरों में इसकी पहली खेप पहुंच गई है।

देश में 16 जनवरी से दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली इसकी शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री इस मौके पर वैक्सीनेशन से संबंधित Co-Win ऐप भी लॉन्च करेंगे।

जयपुर: कोवैक्सिन पहुंची, कोवीशील्ड शाम को पहुंचेगी
एयर एशिया की फ्लाइट से कोवैक्सिन के 60 हजार डोज सुबह 11 बजे जयपुर पहुंचे। इन्हें एयरपोर्ट से सीधे आदर्श नगर स्थित स्टेट ड्रग स्टोर लाया गया। कोवीशील्ड के डोज भी आज शाम करीब पांच बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने की उम्मीद है।

रांची: कोवैक्सिन के 16 हजार 200 वायल्स पहुंचे
कोवैक्सिन की पहली खेप बुधवार सुबह 9.02 बजे विशेष विमान से रांची एयरपोर्ट पहुंची। यहां से इन्हें नामकुम स्थित स्टेट वेयर हाउस पहुंचाया गया। एयरपोर्ट से वेयर हाउस की 11 किलोमीटर की दूरी को 32 मिनट में तय किया गया। पहली खेप में झारखंड को 16 हजार 200 वायल्स (शीशियां) मिले हैं।

सूरत: कोवीशील्ड की दूसरी खेप पहुंची
कोवीशील्ड की दूसरी खेप बुधवार सुबह बाय रोड पुणे से सूरत पहुंची। इसमें 93 हजार 500 डोज हैं। इन्हें सूरत के सिविल अस्पताल में स्टोर किया गया है। वैक्सीन से भरे ट्रक के शहर में पहुंचते ही मंत्रियों और अधिकारियों ने इसका स्वागत किया। इससे पहले कोवीशील्ड की पहली खेप मंगलवार सुबह अहमदाबाद पहुंच चुकी है।

भोपाल: कोवीशील्ड के 94 हजार डोज पहुंचे
भोपाल में सुबह 11 बजे कोवीशील्ड के 94 हजार डोज पहुंचे। यहां से मध्यप्रदेश के 24 जिलों में वैक्सीन भेजी जाएगी। सीरम इंस्टीट्यूट ने कोवीशील्ड की सप्लाई मंगलवार से शुरू की थी। कई शहरों में यह बुधवार को पहुंची।

भोपाल एयरपोर्ट से वैक्सीन कमला पार्क स्थित स्टोर ले जाई गईं।

भोपाल एयरपोर्ट से वैक्सीन कमला पार्क स्थित स्टोर ले जाई गईं।

करनाल: 4 लाख डोज पहुंचे
यहां देर रात वैक्सीन की पहली खेप पहुंची। इसमें कोवीशील्ड के चार लाख डोज भेजे गए हैं। इन्हें करनाल स्थित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वेयर हाउस में रखा गया।

चंडीगढ़: पंजाब में सबको फ्री वैक्सीन लगेगी
कोवीशील्ड की पहली खेप देर रात चंडीगढ़ पहुंची। इन्हें सेक्टर 24 में स्टेट वैक्सीन स्टोर में रखा गया है। यहां से इन्हें रात को ही मोहाली, अमृतसर, होशियारपुर और फिरोजपुर भेज दिया गया। इस खेप में 20 हजार 450 वायल्स भेजे गए हैं। हर वायल्स में 10 डोज हैं। राज्य सरकार ने यहां फ्री में वैक्सीन लगाने का ऐलान किया है।

मुंबई: वैक्सीन की पूजा की गई
पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से भेजी गई कोवीशील्ड वैक्सीन की पहली खेप बुधवार को मुंबई पहुंची। इस खेप में 1.39 लाख डोज हैं। यहां निगम के अधिकारियों ने वैक्सीन की पूजा की। इन्हें परेल स्थित एफ-साउथ वार्ड कार्यालय में रखा गया है। यहां से इन्हें शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया जाएगा।

दिल्ली: केजरीवाल की मांग- केंद्र फ्री में दे वैक्सीन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फ्री में वैक्सीन उपलब्ध कराना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तब भी हम दिल्ली में फ्री में वैक्सीनेशन करेंगे।

सरकार ने कोवैक्सिन के 55 लाख डोज का ऑर्डर दिया
ड्रग रेग्युलेटर ने कोवैक्सिन और कोवीशील्ड के इमरजेंसी यूज की मंजूरी दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने कोवैक्सिन के 55 लाख और कोवीशील्ड के 1.1 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया है।

भारत बायोटेक सरकार को 16.5 लाख डोज फ्री देगी
भारत बायोटेक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन बना रहा है। कंपनी 16.5 लाख डोज सरकार को फ्री देगी, बाकी 38.5 लाख वैक्सीन के हर डोज के लिए 295 रुपए चार्ज किए जाएंगे।

उधर, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के CEO अदार पूनावाला ने मंगलवार को कहा कि कोवीशील्ड के 10 करोड़ डोज सरकार को 200 रुपए के स्पेशल रेट पर दिए जाएंगे, जबकि बाजार में वैक्सीन की कीमत 1000 रुपए होगी।

कोवीशील्ड के दोनों डोज की एफिकेसी 70% रही
कोवीशील्ड को एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर बनाया है। भारत में SII सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोवीशील्ड का प्रोडक्शन कर रही है। इसका जब हाफ डोज दिया गया तो इफिकेसी 90% रही। एक महीने बाद फुल डोज में इफिकेसी 62% रही। दोनों तरह के डोज में औसत इफिकेसी 70% रही। कोवीशील्ड के पांच करोड़ डोज तैयार हैं।

कोवैक्सिन के फेज-3 ट्रायल्स के नतीजे अभी नहीं आए हैं। फेज-2 ट्रायल्स के नतीजों के मुताबिक, कोवैक्सिन की वजह से शरीर में बनी एंटीबॉडी छह से बारह महीने तक कायम रहेंगी। कोवैक्सिन के दो करोड़ डोज तैयार हैं।