कर्नाटक में विधान सभा चुनाव को महज कुछ दिन ही रह गए हैं ऐसे में भारतीय चुनाव आयोग कांग्रेस के चुनाव चिन्ह "हाथ का पंजा" रद्द किए जाने वाली याचिका पर सुनवाई को तैयार हो गया है।  चुनाव आयोग 18 अप्रैल को कांग्रेस के चुनाव चिन्ह 'हाथ का पंजा' को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करेगा। इस मामले की सुनवाई  उप चुनाव आयुक्त चंद्र भूषण कुमार करेंगे। 

इसी साल जनवरी में बीजेपी के नेता अश्विनी उपाध्याय ने अपनी याचिका में चुनाव आयोग से पंजे के निशान वाले चुनाव चिन्ह को रद्द किए जाने की मांग करते हुए गुजारिश की हाथ मानव शरीर का अभिन्न हिस्सा है और यह चुनाव चिन्ह आचार संहिता का उल्लंघन करता है। 

छह पेज की अपनी याचिका में उपाध्याय ने कहा है कि  यह प्रतीक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लघंन हैं और इससे चुनाव के आचार संहिता का भी उल्लघंन होता है। अपनी इन मांगो के साथ उपाध्याय मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत से और पोल पैनल के कानूनी सलाहकारों से भी मुलाकात की थी।

उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि कांग्रेस अपने चुनाव चिन्ह का दुरुपयोग कैपेंनिग खत्म होने के बाद भी करती है। यहां तक कि चुनाव के दिन भी उम्मीदवार, पार्टी समर्थक और चुनाव एजेंट  चुनाव चिन्ह 'हाथ का पंजा' का उपयोग इशारों में करते हैं। पोलिंग बूथ पर भी जहां किसी तरह के इशारे या प्रचार प्रसार की मनाही होती है वहीं भी इशारों- इशारों में पार्टी का प्रचार किया जाता है।