बिहार: नूरजहां खातून तथा इरफ़ान अंसारी कहने को तो मुसलमान थे लेकिन उन्होंने जो किया वो एक मिशाल बन गई। नूरजहां खातून तथा इरफ़ान अंसारी ने प्रभु श्रीराम के एक मंदिर में अपना निकाह किया तथा ये कहकरकटटरपंथियों के मुंह बंद कर दिए कि वह मुसलमान भले ही हैं लेकिन प्रभु श्रीराम उनके आराध्य हैं तथा ये उनका सौभाग्य है कि उन्होंने श्रीराम मंदिर में शादी तथा उनका आशीर्वाद लिया। मामला बिहार के सीवान जिले का है। खबर के मुताबिक़, सीवान के बसंतपुर थाने के बिठुना गांव में एक मुस्लिम युगल ने हिंदू रीति रिवाज से मंदिर में शादी रचायी। राम जानकी मंदिर में हुई यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

बिठुना के स्व.खलील अंसारी की पत्नी शैदा ने अपनी एकलौती पुत्री नूरजहां खातून की शादी अपने भगीना इरफान अंसारी के साथ रामजानकी मंदिर में की। शैदा ने बताया मेरे पति का इंतकाल हो गया है। मुझे एक पुत्री व एक पुत्र अरमान (6वर्ष) है। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। गोपालगंज के बरौली थाने के सरफरा वृति टोला का मेरा भगीना व मोख्तार अंसारी का पुत्र इरफान मेरे ही घर रहता है। अपनी पुत्री नूरजहां व भगीना इरफान की सहमति से दोनों की शादी की गई है।

गरीबी के कारण शादी होने के पूर्व लड़का व लड़की के पहने हुए पुराने कपड़े को देख बसंतपुर गांधी सेवा न्यास के कनवर लाल ने उनकी सहमति से दूल्हा दुल्हन के लिए नया वस्त्र खरीद कर दिया। इसके बाद मंदिर में लड़की की मां ने भगवान को साक्षी मान कर हिंदू रीति रिवाज से दोनों की शादी की और आशीर्वाद दिया।  वहां उपस्थित अन्य लोगों ने भी दोनों वर व वधू को आशीर्वाद दिया। सबसे आशीर्वाद प्राप्त कर सभी बिठुना के लिए रवाना हो गए। सुदर्शन परिवार इरफ़ान अंसारी तथा नारजहाँ को बधाई देता है।