गोल्ड कोस्ट.भारत ने यहां 10वें दिन 8 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल जीते। तीन इवेंट ऐसे रहे जिनमें देश ने पहली बार गोल्ड मेडल जीता। ये उपलब्धियां एमसी मैरीकॉम, नीरज चोपड़ा और मनिका बत्रा ने हासिल कीं। मैरीकॉम ने वुमेन्स के 45-48 किग्रा में गोल्ड जीता। नीरज ने जेवलिन थ्रो तो मनिका ने टेबल टेनिस के वुमेन्स सिंगल्स में सोना जीता। शटलर साइना नेहवाल, पीवी सिंधु वुमेन्स और किदांबी श्रीकांत सिंगल्स के फाइनल में पहुंच गए। हालांकि ब्रॉन्ज मेडल के लिए हुए मुकाबले में भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमें हार गईं। महिलाओं को इंग्लैंड ने 6-0 से हराया। पुरुष भी इंग्लैंड के हाथों 2-1 से हारे। भारत के अब 59 मेडल हो गए हैं। वह पदक तालिका में तीसरे स्थान पर बना है। बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स, ओलिंपिक और एशियाड में जिस देश का खिलाड़ी गोल्ड जीतता है, प्राइज सेरेमनी के दौरान उसी देश की राष्ट्रधुन बजाए जाने की परंपरा है।

वें दिन भारत के 8 गोल्ड, 5 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज

खिलाड़ी खेल इवेंट मेडल
संजीव राजपूत शूटिंग मेन्स 50 मी. राइफल 3 पोजिशंस गोल्ड
एमसी मैरीकॉम बॉक्सिंग वुमेन्स 45-48 किग्रा गोल्ड
गौरव सोलंकी बॉक्सिंग मेन्स 52 किग्रा गोल्ड
विकास कृष्ण बॉक्सिंग मेन्स 75 किग्रा गोल्ड
मनीष कौशिक बॉक्सिंग मेन्स 60 किग्रा सिल्वर
सतीश कुमार बॉक्सिंग मेन्स +91 किग्रा सिल्वर
अमित कुमार बॉक्सिंग मेन्स 46-49 किग्रा सिल्वर
नीरज चोपड़ा एथलेटिक्स जेवलिन थ्रो गोल्ड
मनिका बत्रा टेबल टेनिस वुमेन्स सिंगल्स गोल्ड
अंचत कमल-गणशेखरन टेबल टेनिस मेन्स डबल्स सिल्वर
एच देसाई-एसएस रेड्‌डी टेबल टेनिस मेन्स डबल्स ब्रॉन्ज
विनेश फोगाट रेसलिंग फ्रीस्टाइल 50 किग्रा गोल्ड
सुमित रेसलिंग फ्रीस्टाइल 125 किग्रा गोल्ड
साक्षी मलिक रेसलिंग वुमेन्स फ्रीस्टाइल 62 किग्रा ब्रॉन्ज
सोमवीर रेसलिंग फ्रीस्टाइल 86 किग्रा ब्रॉन्ज
दीपिका और सौरव स्क्वैश मिक्स्ड डबल्स सिल्वर
अश्विनी और सिक्की रेड्‌डी बैडमिंटन वुमेन्स डबल्स ब्रॉन्ज

रविवार को कॉमनवेल्थ गेम्स का आखिरी दिन है और भारत का कम से कम 6 (बैडमिंटन में 4, स्क्वैश में 1 और टेबल टेनिस में 1) मेडल जीतना पक्का है। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में 84 साल में अब तक 497 मेडल जीत चुका है। यानी आखिरी दिन भारत का अपने 500 मेडल्स का आंकड़ा पार करना तय है। यही नहीं भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स में यह दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। भारत ने 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 101 (38 गोल्ड, 27 सिल्वर, 36 ब्रॉन्ज) मेडल जीते थे। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में उसने 64 (15 गोल्ड, 30 सिल्वर, 19 ब्रॉन्ज) मेडल जीते थे। साफ है कि भारत गोल्ड कोस्ट से कम से कम 65 मेडल के साथ लौटेगा।

जेवलिन थ्रो(फाइनल): शुरू से ही आगे चल रहे थे नीरज
- नीरज चोपड़ा ने फाइनल में शुरू से ही लीड बना रखी थी। पहले प्रयास में उनके जेवलिन ने 85.5 मीटर की दूरी नापी। दूसरा प्रयास फाउल रहा। तीसरे में 84.78, चौथे में 86.47 और पांचवें 83.48 मीटर की दूरी नापी। 
- इस तरह 86.47 मीटर के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। नीरज का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है।

वर्ल्ड जूनियर चैम्पियनशिप में बनाया था रिकॉर्ड
- नीरज के नाम वर्ल्ड जूनियर रिकॉर्ड भी है। उन्होंने 23 जुलाई, 2016 को बिडगोस्च (पोलैंड) वर्ल्ड अंडर-20 चैम्पियनशिप में 86.48 मीटर का स्कोर किया था। तब वह 18 साल 212 दिन के थे। 
- नीरज ने 2017 में भुवनेश्वर में हुई एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में जेवलिन थ्रो में गोल्ड जीता था।
- वह 2016 गुवाहाटी/शिलांग में हुए साउथ एशियन गेम्स में भी जेवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने में सफल रहे थे। हालांकि रियो ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने में सफल नहीं हुए थे।