काेराेना संकट के कारण कारोबार में कमी के चलते बड़े कामर्शियल कॉम्पलेक्स समेत सभी प्रमुख बाजारों में शाेरूम, दुकान और ऑफिस किराए में 15 फीसदी तक कमी आई है। ऐसे में नया बिजनेस शुरू करने वालाें के लिए कम किराए में कामर्शियल स्पेस लेने वालाें के लिए यह एक माैका भी है। काबिलेगौर है कि लॉकडाउन के बाद व्यवसायिक गतिविधियां कमजोर पड़ने से जयपुर में कामर्शियल कॉम्पलेक्स व माॅल में अभी शाेरूम, दुकान और ऑफिस के लिए लगभग आठ वर्ग फीट स्पेस खाली है, जाे कुल स्पेस का लगभग दस फीसदी है।

3 माह के दौरान 8 लाख वर्ग फीट स्पेस खाली हाे चुकी है

रियल एस्टेट व्यवसायियों का कहना है कि काेराेना संकट के चलते जयपुर में कामर्शियल स्पेस लगातार खाली हाे रही है। शॉपिंग माॅल समेत सभी प्रमुख बाजारों में बड़ी तादाद में दुुकान, शोरूम और ऑफिस खाली हाेने से किराए में भी 15 फीसदी तक की कमी आई है।

डवलपर्स के संगठन क्रेडाई राजस्थान के अध्यक्ष सुनील जैन के मुताबिक जयपुर में संगठित व गैर संगठित क्षेत्र में बने शॉपिंग माॅल में लगभग 80 लाख वर्ग फीट स्पेस है। काेराेना संकट से पहले लगभग एक-डेढ़ लाख वर्ग फीट ही स्पेस खाली थी। लेकिन काेराेना संकट के बाद व्यापार और औद्योगिक उत्पादन में आई गिरावट से शॉपिंग माॅल में तीन महीने के दौरान लगभग आठ लाख वर्ग फीट स्पेस खाली हाे चुकी है।

खासकर रिटेल सेक्टर में काफी स्पेस खाली हुई है। इससे कामर्शियल स्पेस का किराया भी 15 फीसदी तक कम हाे गया है। पहले जयपुर में लोकेशन के हिसाब से 40 से 125 रुपए वर्ग फीट में स्पेस मिल रही थी। अब यह कीमत घटकर 34 से 108 रुपए तक रह गई है।

इसलिए पड़ रहा है असर

  • पयर्टन में कमी से टूर एवं ट्रेवल के लिए ऑफिसाेेंं की मांग में कमी, कई ऑफिस खाली
  • ज्वैैलरी कारोबार करीब 25 फीसदी रह जाने से कई बड़े ज्वैलरी शोरूम बंद
  • बीमारी से डर से बाहर खाना खाने की आदत कम हाेने से बड़ी तादाद में रेस्टोरेंट पर ताले।
  • ऑनलाईन कारोबार बढ़ने से किराना समेत रिटेल, गारमेंट व फुटवियर कारोबार में कमी