जयपुर: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों का सेमीफाइनल माने जा रहे राजस्थान समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का बिगुल आज बज गया है। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तिथियों समेत चुनावी कार्यक्रम की घोषणा किए जाने के साथ ही पांचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। ऐसे में राजस्थान में पिछली बार यानि 2013 की तरह से ही करीब 66 दिनों तक आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी और इस दौरान सत्ता की चाबी प्रशासन के हाथों में होगी।

राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा का कार्यकाल 13 दिसम्बर को पूरा होगा और 7 दिसम्बर को वोटिंग होने के बाद 11 दिसम्बर को मतगणना होगी। इसके बाद चुनाव आयोग के पास कंपलीट डाटा पहुंचने और नई सरकार के गठन के बाद आचार संहिता समाप्त होने की घोषणा होगी। ऐसे में अगर यह मान के चलें कि 13 दिसम्बर को नई सरकार का कार्यकाल शुरू हो जाएगा तो ऐसे में आज से 66 दिनों तक प्रदेश में आचार संहिता लागू रहेगी।

आचार संहिता के दौरान किसी भी तरह के सरकारी कार्यक्रमों, घोषणाओं से लेकर नए काम शुरू करना प्रतिबंधित रहेगा। सरकार की उपलब्धियों वाले होर्डिंग्स नहीं लगेंगे वहीं ऐसे पोस्टर्स, होर्डिंग्स तुरन्त हटाये जाएंगे। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य मीडिया से विज्ञापन नहीं होगा और न ही सत्तारूढ़ दल का कोई विज्ञापन होगा। इसके साथ ही सरकारी वेबसाइटों से मंत्रियों एवं सीएम के फोटो हटेंगे।

वहीं सर्किट हाउस, डाक बंगले उपयोग के लिए भारत निर्वाचन आयोग की इजाजत लेनी होगी। सरकारी वाहन का प्रयोग बंद रहेगा और क्षेत्र में सार्वजनिक उद्घाटन, शिलान्यास बंद रहेंगे, वहीं नए कामों की स्वीकृति बंद होगी। धन स्वीकृति नहीं हो सकेगी और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में शासकीय दौरे नहीं होंगे। इसके साथ ही सरकारी वाहनों में सायरन नहीं लगेंगे और न ही मंत्री निर्वाचन क्षेत्र में दौरे पर रहेंगे।

उल्लेखनीय कि है 2013 में 4 अक्टूबर को चुनाव की तिथियों की घोषणा के अनुसार, 1 दिसम्बर को वोटिंग हुई थी और 8 दिसम्बर को मतगणना में चुनावी नतीजे आए थे। इनमें बीजेपी ने 160 सीटें जीती थीं, वहीं कांग्रेस को 25 और अन्य को 15 सीटें मिली थीं। इसके बाद 13 दिसम्बर को वसुंधरा राजे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की थी। ऐसे में पिछले विधानसभा चुनाव में 68 दिनों तक आचार संहिता प्रभावी रही थी।