नई दिल्ली, सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व कोयला सचिव एच सी गुप्ता, पूर्व संयुक्त सचिव के एस क्रोफा, कोयला मंत्रालय के पूर्व निदेशक के सी समारिया और केएसएसपीएल फर्म के प्रबंध निदेशक पवन कुमार अहलूवालिया को कोयला घोटाले के एक मामले में दोषी ठहराया है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश भरत पाराशर ने मध्यप्रदेश के थेसगोरा-बी रुद्रपुरी कोयला ब्लाक आवंटन में हुई अनियमितताओं से जुड़े इस मामले में चार्टर्ड एकाउंटेंट अमित गोयल को बरी कर दिया। यह कोयला ब्लाक केएसएसपीएल फर्म को आवंटित किया गया था।

न्यायालय इस मामले में 22 मई को सजा सुनाएगा। इस मामले में आठ अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किये गये थे। न्यायालय ने इससे पहले आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये थे और कहा था पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस मामले में एच सी गुप्ता ने अंधेरे में रखा। अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि गुप्ता ने कोयला ब्लाक आवंटन मसले पर कानून और उनके ऊपर किये गये भरोसे को तोड़ा है।