महोबा, उत्तर प्रदेश के महोबा जिला मुख्यालय पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के एक वरिष्ठ लिपिक को महिलाकर्मी से 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। एक साल के भीतर जिले में तीसरे भ्रष्टाचारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र दुबे के अनुसार महोबा कलेक्ट्रेट के भूलेख अनुभाग में चपरासी मुन्नी देवी की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अधिकारी आर.के. सिंह के नेतृत्व में झांसी से आई टीम ने मंगलवार को सीएमओ के वरिष्ठ लिपिक प्रदीप कोफर्ड को डाक बंगला मैदान के पास स्थित चाय की दुकान पर 15 हजार रुपए की घूस लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

उन्होंने बताया कि कोतवाली में लिखा पढ़ी के बाद उसे अपने साथ झांसी ले गई। एसीबी के अनुसार कलेक्ट्रेट में महिलाकर्मी मुन्नी देवी बीमारी हो गई थी। उसने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए इलाज में हुए खर्च हुए एक लाख 84 हजार रुपए के बिल उप जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपे थे। एसडीएम द्वारा इन्हें सत्यापन के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय भेजा गया था।

आरोपी वरिष्ठ लिपिक प्रदीप ने महिला से डेढ़ लाख के बाउचर सत्यापन के बदले 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। उसकी शिकायत पर संगठन की टीम पिछले दस दिनों से उसकी रैकी कर रही थी। गौरतलब है कि यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएसन के माध्यम से महोबा में एक साल के भीतर यह तीसरा भ्रष्टाचारी सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार किया गया है। इसके पूर्व यहां जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामेश्वर पाल ओर विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता घसीटा सिंह को भी रिश्वत लेते हुए पकड़ कर जेल भेजे जा चुके हैं।