जयपुर: कोटपूतली नगरपालिका हमेशा किसी ना किसी बात को लेकर सुखियों में रहती है. इस बार सफाई को लेकर मामला उलझा हुआ है. पिछले 15 दिनों से सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है. पिछले 15 दिन से शहर की हर गली नुक्कड़ पर कचरे गन्दगी के ढेर लगे हुए. शहर की सफाई कौन कर रहा है. इसकी जानकारी किसी को नहीं है. बस एक दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं. कोटपूतली में गंदगी के ऐसे ढेर रोजमर्रा की बात हो गई है. शहर की कोई गली हो या फिर चौराहे का मुख्य रास्ता, हर जगह अब गंदगी और कचरे के ढेर हैं. गंदगी को लेकर नगरपालिका के चेयरमैन खुद ही लाचार नजर आ रहे हैं.

कोटपूतली में सफाई की अव्यवस्था का ये हाल तब है जब 47 स्थाई सफाई कर्मचारी नगरपालिका के खुद के पास हैं. कस्बे में 30 वार्ड हैं और स्थाई सफाई कर्मचारी 47 हैं. जब पड़ताल हुई तो सामने आया कि बहुत से स्थाई कर्मचारी ऐसे हैं जो शहर की सफाई के बजाय प्रशासनिक अधिकारियों के यहां ड्यूटी दे रहे हैं. ऐसे एक दो नहीं बल्कि दर्जन भर कर्मचारी हैं. जब अधिकारियों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने ऐसे कर्मचारियों को वापस बुलाने की बात कही.

सफाई के लिए जो 47 स्थाई सफाई कर्मचारी हैं. उनमें से आधे ही उस जाति के हैं जो परंपरागत रूप से इस पेशे से जुड़ी हुई हैं, लेकिन आधे ऐसी जातियों से हैं जो सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्त तो हो गए. वो सफाई का काम बिल्कुल भी नहीं कर रहे हैं. जब इसको लेकर SDM से बात की गई तो उन्होने कार्रवाई की बात कही और सफाई व्यवस्था भी दोबारा से पटरी पर लाने के दावे किए. लोग गंदगी और बदबू से परेशान होकर बीमारियों की चपेट में आने के कगार पर पहुंच गए हैं, लेकिन जिम्मेदार सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं.