चुरू. हरियाणा सीमा से सटे चूरू (Churu) जिला में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की वारदात के बाद दहशत का माहौल है. राजगढ़ तहसील के गांव ढाणी मौजी में हुई फायरिंग में हिस्ट्रीशीटर प्रदीप स्वामी सहित 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग घायल हो गए. मृतकों की शिनाख्त हमीरवास थाने के हिस्ट्रीशीटर प्रदीप स्वामी, दो ग्रामीण निहाल सिंह और ईश्वर नाई के रूप में हुई है. जबकि फायरिंग (Gun Shot) करने आए बदमाशों में से एक मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है. सुत्रों के मुताबिक, संपत नेहरा गैंग द्वारा फायरिंग की वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है. घटना को अंजाम देने के बाद बदमाशों को अधांधूंध फायरिंग कर बीजांवास गांव की ओर भागते हुए लोगों ने देखा और वे रास्ते में भी फायरिंग करते फरार हो गए.
ग्रामीणों के मुताबिक, बाइक पर आए आधा दर्जन बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर प्रदीप स्वामी को निशाना बनाते हुए उस वक्त फायरिंग की, जबकि सभी लोग चेकपोस्ट पर ताश खेल रहे थे. फायरिंग में प्रदीप स्वामी सहित दो ग्रामीणों की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई. जबकि बदमाशों के साथ आए उसके साथी की लाश गांव के करीब पाई गई. फायरिंग की इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें राजगढ के राजकीय अस्पताल लाया गया. जहां से उन्हें हिसार रैफर कर दिया गया.

ग्रामीणों ने लगाया आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि हमीरवास पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस डेढ घंटे बाद मौके पर पहुंची. जबकि पुलिस थाना महज 9 किलोमीटर की दूरी पर है. मौके पर पहुंची हमीरवास थाना पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. ग्रामीणों ने राजगढ़ वृताधिकारी बृजमोहन सहित पुलिस अधिकारियों का घेराव कर लिया. बहरहाल, ग्रामीणों ने पुलिस को शव देने से इंकार कर दिया है. ग्रामीणों और परिजनों की मांग है कि आरोपियों को तुरन्त गिरफ्तार किया जाए, हमीरवास थाना प्रभारी को सस्पैंड किया जाए और फायरिंग में मौत के शिकार हुए निर्दोश लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी तथा मुआवजा दिया जाए.

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी नारायण टोगस भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत शुरू की. खबर लिखे जाने तक समझाइश का दौर जारी था और ग्रामीण व परिजन अपनी मांगों पर डटे हुए थे. इधर, हमीरवास थानाधिकारी टीम सहित आरोपियों की तलाश में जुटे हुए हैं.