नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा शुरू की गई ट्रेड वार से चीन अब खौफ में आता दिख रहा है और इस क्रम में उसने भारत को फुसलाने की कोशिश शुरू कर दी है। चीन ने बुधवार को कहा कि ट्रेड से संबंधित विवादों पर अमेरिका की एकपक्षीय रणनीति के क्रम में शुरू हुई ट्रेड वार का सामना करने के लिए चीन और भारत को परस्पर सहयोग बढ़ाना चाहिए। चीन ने कहा कि ‘नेशनल सिक्युरिटी’ और ‘फेयर ट्रेड’ के नाम पर शुरू की गई ट्रेड वार से सिर्फ चीन का आर्थिक विकास ही प्रभावित नहीं होगा, बल्कि इससे भारत और तेजी से बढ़ती भारतीय इकोनॉमी पर भी असर पड़ेगा।

भारत को दिखाया डर

चीनी एम्बेसी के स्पोक्सपर्सन काउंसलर जी रोन्ग ने एक प्रेस कांफ्रेंस में ये बातें कहीं। उन्होंने यह कहकर भारत को डराने की कोशिश की कि भारत के विकास के लिए टिकाऊ माहौल की जरूरत है और ट्रेड वार से भारत भी अछूता नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, ‘दोनों देश दो सबसे बड़े विकासशील देश हैं। भारत और चीन दोनों के लिए रिफॉर्म लागू करने के लिहाज से अहम दौर पर है। इसके लिए दोनों को एक टिकाऊ माहौल की जरूरत है।’

मेरिका ने फिर टैरिफ लगाने की दी है धमकी

बीते महीने ही अमेरिका ने 200 अरब डॉलर के चायनीज इम्पोर्ट पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। चीन ने भी पलटवार करते हुए 60 अरब डॉलर के अमेरिकी इम्पोर्ट पर टैरिफ लगाया था। वाशिंगटन ने चीन के दुबारा पलटवार करने की स्थिति में 260 अरब डॉलर के चायनीज इम्पोर्ट पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है।  ‘मौजूदा हालात में चीन और भारत को ट्रेड प्रोटेक्शनिज्म का सामना करने के लिए आपस में सहयोग बढ़ाने की जरूरत है।’