भोपाल, कांग्रेस के महासचिव एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी दीपक बावरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह पर लगे आरोपों की जांच उच्चतम न्यायालय के दो न्यायाधीशों के आयोग से कराई जाए।  प्रदेश का प्रभार मिलने के बाद दो दिवसीय यात्रा पर कल पहली बार भोपाल पहुंचे बावरिया ने आज मीडिया से चर्चा के दौरान यह मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह की टेंपल इंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का टर्नओवर एक साल में 16 हजार गुना बढ़ गया और बाद में वह बंद कर दी गई। बावरिया ने दावा किया कि कंपनी में 51 करोड़ रुपए की राशि विदेश से आई। उन्होंने प्रश्न किया कि ऐसा कौन सा कारोबार किया गया कि यह राशि विदेश से कंपनी के खातों में आई। कांग्रेस नेता ने कंपनी को एक निजी कंपनी द्वारा 15़ 78 करोड़ रुपए के अनसिक्योर्ड लोन पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि शाह की दूसरी कंपनी कुसुम फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड को कालूपुर कमर्शियल को-ऑपरेटिव बैंक ने 25 करोड़ रुपए का ऋण मात्र 6़ 2 करोड़ रुपए की संपत्तियों के बदले दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कंपनी ने मध्यप्रदेश के रतलाम में 2़ 1 मेगावॉट की पवन चक्की लगाने का निर्णय लिया, जिसे इस क्षेत्र का अनुभव ही नहीं है। इसके लिए 10़ 35 करोड़ रुपए का ऋण भी दे दिया गया। बावरिया ने रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा इस मामले में पत्रकार वार्ता लेकर सफाई देने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जय शाह मंत्रिमंडल में मंत्री हैं या भाजपा के पदाधिकारी हैं, जो एक मंत्री उनके बचाव में खड़े हुए। बावरिया ने मोदी से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वे भाजपा अध्यक्ष शाह का इस्तीफा लें।