नई दिल्ली:हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत महत्व है. ये वर्ष में दो बार आत है. एक तो चैत्र नवरात्र. दूसरे शारदीय नवरात्रि. लेकिन चैत्र नवरात्र बेहद खास होते है. क्योंकि इसी दिन से भारतीय नववर्ष की शुरूआत होती है. हिंदू पंचांग के मुताबिक आज से चैत्र नवरात्रि शुरू हो गए है. जो 2 अप्रैल तक रहेंगे. नवरात्रि इस बार नौ दिनों का होगा. मां पराम्बा का आगमन इस बार नौका पर और गमन हाथी पर हो रहा है, दोनों का फल शुभ है. इस बार पूरे नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की जाएगी. नवरात्रि के नौ दिन लगातार माता का पूजन चलता है. आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि में आपको कौन सी तिथि पर किस देवी की पूजा-अर्चना करनी है.

ये हैं मां दुर्गा के नौ स्वरूप

25 मार्च, प्रतिपदा- नवरात्रि का पहला दिन- घट, कलश स्थापना- शैलपुत्री

26 मार्च, द्वितीया- नवरात्रि दूसरा दिन- ब्रह्मचारिणी पूजा

27 मार्च, तृतीया-  तीसरा दिन- चंद्रघंटा पूजा

28 मार्च, चतुर्थी- चौथा दिन- कुष्मांडा पूजा

29 मार्च, पंचमी-  पाचवां दिन- सरस्वती पूजा, स्कंदमाता पूजा

30 मार्च, षष्ठी-  छठा दिन- कात्यायनी पूजा

31 मार्च, सप्तमी- सातवां दिन- कालरात्रि, सरस्वती पूजा

1 अप्रैल, अष्टमी- आठवां दिन-महागौरी, दुर्गा अष्टमी ,नवमी पूजन

2 अप्रैल, नवमी- नौवां दिन- नवमी हवन, नवरात्रि पारण

कलश स्थापन
घट स्थापन के लिए प्रात: काल का समय विशेष शुभ माना जाता है. प्रात: 5.58 से 09 बजे तक जो लोग कलश स्थापन न कर सकें, उनके लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.36 से 12.25 तक शुभ रहेगा. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 25 मार्च को दिन में 3.51 बजे तक रहेगी. इस समय तक कलश स्थापन अवश्य कर लेना चाहिए.