कोटा:बूंदी हादसे में जान गंवाने वाले 24 लोगों का कोटा में अंतिम संस्कार किया गया. एक साथ 24 लोगों की चिता को मुखाग्नि दी गई. इस दौरान पूरा माहौल गमगीन हो गया. हर शख्स की आंखों में आसूं थे. साथ ही इन तस्वीरों को देखकर हर कोई स्तब्ध नजर आया. कोटा में पहली बार ऐसा देखा गया जब इतने लोगों की चिताओं को एक साथ मुखाग्नि दी गई हो. एक ही परिवार के मृतकों के शव 15 एम्बुलेंसों में पहुंचे थे. सभी लोगों की हादसे में मौत हो गई थी. शव पहुंचने के बाद मोहल्ले में कोहराम मच गया. इतने शव देखकर इलाके के लोग विचलित हो गए. कोटा के मुरली परिवार के सदस्यों से भरी बस मेज नदी में गिर गई थी. सभी लोग भानजी की शादी का मायरा लेकर सवाई माधोपुर जा रहे थे. बूंदी में हुआ दर्दनाक हादसा तीन जिलों के लोगों को दर्द दे गया.

दर्द भी ऐसा कि चंद मिनटों में ही शादी समारोह की खुशियां मातम में बदल गई. हर तरफ तीख पुकार मच गई. दरअसल बूंदी के लाखेरी में एक शादी समारोह में भात लेकर जा रहे लोगों से भरी बस बेकाबू होकर मेज नदी से नीचे गिर गई. हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई. मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया गया है. लोकसभा स्पीकर और सीएम गहलोत ने हादसे पर दुख जताया है. 5 घायलों को रेस्क्यू कर गंभीर हालत में कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

हादसे में परिवार के सदस्य अमित बाल-बाल बच गए. अमित ने बताया कि बस का गियर अटक गया था और इस गियर को सुलझाने के चक्कर में बस बेकाबू होकर नदी में जा गिरी. हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद प्रशासन ने 24 शवों को नदी से बाहर निकाला. वहीं, पांच लोगों को नदी से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे में 10 पुरुष, 11 महिलाओं और 3 बच्चों की मौत हुई है.