मथुरा, उत्तर प्रदेश में भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में होली पर्व पर बृज होली रसोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग, बृज तीर्थ विकास परिषद एवं बृजभूमि विकास ट्रस्ट के तत्वावधान में पंडित दीनदयाल वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी में आज से दो दिवसीय बृज की होली रसोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मथुरा को पर्यटन का केन्द्र बिन्दु बनाने के लिए किया जा रहा है।

फिल्म अभिनेत्री एवं सांसद हेमामालिनी ने बताया कि इस कार्यक्रम के प्रथम दिन पद्म विभूषण पं. जसराज का शास्त्रीय गायन होगा तथा पद्मविभूषण पं. हरिप्रसाद चौरसिया का बांसुरी वादन के साथ-साथ दक्षिण भारत की मशहूर नृत्यांगना शोभना का नृत्य होगा। इसके अलावा सूफी गायक कविता सेठ का गायन होगा। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन 24 फरवरी के कार्यक्रम में उनके द्बारा राधा कृष्ण के जन्म से ब्रज में रहने तक की लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिका जहां वे स्वयं श्यामाश्याम के सामने प्रस्तुत करेंगी वहीं दूसरे दिन सूफी गायक कैलाश खैर का गायन होगा।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के लिए कोई टिकट नहीं है तथा जहां पिछला कार्यक्रम उन्होंने बॉलीवुड के कलाकारों द्बारा कराया था वहीं यह कार्यक्रम शास्त्रीय संगीत पर आधारित होगा। उन्होंने बताया कि मुंबई के कलाकार अमजद, शिवकुमार जैसे कलाकार उनसे मथुरा में कार्यक्रम करने पर सहयोग करने को कहते हैं तथा वे उनसे मथुरा में बुलाने को कहते हैं। एक सवाल के जबाब में हेमामालिनी ने कहा कि नई प्रतिभाओं को निखारने के लिए अकादमी खोलने के लिए उन्हें जगह नही मिल पा रही है। इसी प्रकार से ऑडिटोरियम बनवाने के अपने वायदे पर उन्होंने इसमें आर्थिक कमी को बाधक बताया।

उन्होंने बताया कि वे इस कार्यक्रम को यमुना तट विश्राम घाट पर रखना चाहती थी। प्राकृतिक वातावरण में सारा कार्यक्रम होना था और योगी आदित्यनाथ द्बारा विश्राम घाट पर आरती भी करनी थी कितु कुछ लोगों ने एनजीटी के माध्यम से उसमें व्यवधान पैदा कर दिया जिससे वे इस कार्यक्रम को पूर्व निर्धारित स्थल पर नहीं कर सकीं। इस अवसर पर उन्होंने संकल्प लिया कि वे एनजीटी से अनुमति लेकर अगला कार्यक्रम विश्राम घाट पर ही करेंगी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, कार्यक्रम संयोजक अनूप शर्मा भी मौजूद थे।