जयपुर। महानिदेशक पुलिस ओ.पी. गल्होत्रा ने आदेश जारी कर एक सहायक उपनिरीक्षक को उपनिरीक्षक, 3 हैड कांस्टेबल को सहायक उपनिरीक्षक एवं 8 कांस्टेबल को हैड कांस्टेबल पद पर विशेष पदोन्नति प्रदान कर सम्मानित किया है। 

महानिरीक्षक पुलिस (मुख्यालय) संजीव कुमार नार्जारी ने बताया कि पुलिस आयुक्तालय जोधपुर के सुखराम विश्नोई को सहायक उप निरीक्षक से उप निरीक्षक पद पर, जमशेद खां और मनोज कुमार को हैड कांस्टेबल से सहायक उपनिरीक्षक पद पर एवं मुकेश कुमार मीणा, नरसिंह राम, कमलेश कुमार मीणा, राकेश सिंह एवं जितेन्द्र सिंह को कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति दी है। 

नार्जारी ने बताया कि पाली के चंपालाल को हैड कांस्टेबल से सहायक उप निरीक्षक पद पर, एसओजी जयपुर के हेमराज गुर्जर एवं पुलिस आयुक्तालय जयपुर के सुरेश चाहर एवं होशियार सिंह को कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नति दी है।

बहादुरी एवं अदम्य साहस ने दिलाई पदोन्नतिअतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस आयुक्तालय, जोधपुर क्षेत्राधिकार में मार्च-अक्टूबर 2017 में ‘अन्तर्राष्ट्रीय संगठित आपराधिक गिरोह’ के अपराधियों द्वारा धनाढ्य लोगों को अवैध वसूली के लिए फोन से धमकी देने एवं फायरिंग की घटनाएं कर भयभीत करने की घटनाएं हुईं। इस क्रम में व्यवसायी वासुदेव इकी गोली मारकर अपराधियों द्वारा हत्या तक कर दी गई। इन घटनाओं को वीओआईपी एवं वॉट्सएप कॉलिंग का उपयोग कर अंजाम देने के कारण अपराधियों के बारे में सुराग नहीं मिल रहा था। जोधपुर आयुक्तालय के सहायक उप निरीक्षक सुखराम, हैड कांस्टेबल जमशेद व मनोज कुमार तथा कांस्टेबल मुकेश मीणा, नरसिंह राम, कमलेश, राकेश सिंह व जितेन्द्र सिंह ने टीम भावना से अभियुक्तगण के बारे में जानकारी एकत्र की।

सिंह ने बताया कि प्रकरणों के अनुसंधान के दौरान फरीदकोट जेल, पंजाब में बंद अपराधी लॉरेन्स विश्नोई द्वारा गिरोह के सदस्यों से धमकी दिलाना एवं फायरिंग कर दहशत फैलाना सामने आया। इस पर उसे जेल से प्रोडक्शन वारंट पर प्राप्त कर पूछताछ की गई एवं अपराधियों की धरपकड़ की गई। गैंग के सदस्यों को हरियाणा, पंजाब, उत्तराखण्ड, गुजरात एवं नई दिल्ली एयरपोर्ट से ढूंढ कर लाया गया व गिरोह के राजस्थान, हरियाणा एवं पंजाब में फैले नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया।