नई दिल्ली: बीेजेपी ने कर्नाटक के तटीय इलाके में विधानसभा की 21 सीटों में 18 सीटें जीत ली. इस इलाके में कांग्रेस को 13 सीटों का नुकसान हुआ. उसे महज तीन सीटें मिली है. जद ( एस ) का खाता भी नहीं खुला. उल्लेखनीय है कि 2008 के विधानसभा चुनावों में बीेजेपी को 14 सीटें मिली थी लेकिन 2013 में उसे महज पांच सीट से संतोष करना पड़ा था . 

दक्षिण कन्नड़ जिले में कांग्रेस उम्मीदवार यू टी अब्दुल खदेर ने मंगलूर सीट पर बीेजेपी उम्मीदवार संतोष कुमार राय बोलियारू को हराया. जिले में अन्य सात सीटों पर बीेजेपी ने जीत हासिल की . उत्तर कन्नड़ जिले में छह सीटों में बीेजेपी ने चार सीटें जीत ली . कांग्रेस के आर वी देशपांडे ने हलियाल सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा जबकि येल्लापुर से एएच शिवराम की जीत हुई. 

उडूपी जिले में बीेजेपी ने इस बार सभी पांच सीट अपने कब्जे में कर लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहीं से चुनावी अभियान का आगाज किया था. कोडागू में बीेजेपी उम्मीदवार अप्पाचू रंजन ने माडिकेरी और के जी बोपैया ने विराजपेट से सफलता पाई .

सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी 
कर्नाटक में बीजेपी को भले ही बहुमत से कम सीटें मिली हों लेकिन वह वहां सबसे बड़े सियासी दल के तौर पर उभरकर सामने आई है और एक बार फिर सियासी मानचित्र पर उसने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है. बीजेपी और कांग्रेस - जेडी(एस) भले ही राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह बीजेपी के खाते में आने वाला नवीनतम राज्य होगा या नहीं.  बता दें बीजेपी के बहुमत के आंकड़े से थोड़ा पीछे रह जाने के कारण कांग्रेस ने मंगलवार को नाटकीय घटनाक्रम में जेडी ( एस ) को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का ऐलान किया.

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट दिखा रही है कि बीजेपी राज्य की 222 सीटों में से 104 सीटों पर या तो बढ़त बनाए हुए है या जीत चुकी है. कांग्रेस की सीटें सिमटकर 78 रह गई हैं. बीजेपी ने 2013 में यहां सिर्फ 40 सीटें जीती थीं. जद - एस महज 37 सीटों पर या तो आगे चल रही है या जीत गई है.