नई दिल्ली, गुजरात विधानसभा चुनाव को बीजेपी किस गंभीरता से ले रही है, इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने अपने दिग्गज नेता और वित्तमंत्री अरुण जेटली को इस राज्य का चुनाव प्रभारी बनाया है। उनके साथ 4 केंद्रीय मंत्रियों की टीम भी तैनात की गई है, जो सह प्रभारी के रूप में कार्य करेगी। अमित शाह ने गुजरात के लिए 5 केंद्रीय मंत्रियों को चुनाव की जिम्मेदारी सौंपकर एक तरह से संकेत दिया कि गुजरात चुनाव को पार्टी बेहद गंभीरता से ले रही है। वह इस जीत में कोई कसर बाकी नहीं रहनी देगी।
 
ढिलाई बरतने के मूड में नहीं
बीजेपी सूत्रों का कहना है कि चूंकि प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह दोनों ही गुजरात से आते हैं, ऐसे में इस बार वे राज्य में अपनी मजबूत स्थिति के बावजूद किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार गुजरात विधानसभा के चुनाव कराए जा रहे हैं। शाह चाहते हैं कि इस बार यह संदेश जाना चाहिए कि मोदी के पीएम बनने के बाद गुजरात उनके साथ और अधिक जुड़ गया है। ऐसे में पार्टी चाहेगी कि इस बार चुनाव में पिछली बार के मुकाबले कहीं ज्यादा सीटें बीजेपी की झोली में जानी चाहिए।

केंद्रीय मंत्रियों को बनाया सहप्रभारी
पार्टी ने इसी वजह से जेटली के साथ जो 4 सहप्रभारी बनाए हैं, वे भी चारों केंद्रीय मंत्री हैं। ये हैं: नरेंद्र सिंह तोमर, निर्मला सीतारमन, डॉ. जितेंद्र सिंह और पी.पी. चौधरी हैं। इसी तरह से हिमाचल प्रदेश के लिए शाह ने सामाजिक अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत को चुनाव प्रभारी बनाने का ऐलान किया है, जबकि कर्नाटक के लिए चुनाव प्रभारी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को बनाया गया है। कोयला और बिजली मंत्री पीयूष गोयल कर्नाटक के सह चुनाव प्रभारी होंगे।