मध्य प्रदेश में बीजेपी कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को रोकने की नई रणनीति पर काम करने में जुट गई है. भाजपा अब इन दोनों को इनके ही गढ़ में घेरने का काम करेगी. बीजेपी के मुताबिक, वो दोनों के लिए मुश्किलें खड़ी कर देंगे, जिससे वो अपना इलाका छोड़कर बाकी प्रदेश में निकल ही नहीं पाएंगे.

छिंदवाड़ा को कमलनाथ और गुना को सिंधिया का गढ़ माना जाता है. इन दोनों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस खुद को अजेय मानती है. शायद यही वजह थी कि साल 2014 के लोक सभा चुनावों में मोदी लहर से भी ये दोनों सीटें अछूती रहीं. सिर्फ यही दो सीटें थीं, जिन्हें बचा पाने में कांग्रेस कामयाब रही.

उसके बाद में उपचुनाव में कांतिलाल भूरिया झाबुआ की तीसरी सीट जीतने में सफल हुई थी. 4 मई को जब अमित शाह भोपाल दौरे पर पहुंचे, तो यहां भी पदाधिकारियों को कह गए कि 2 सीटों पर बीजेपी को अतिरिक्त मेहनत करने की जरूरत है. ये दो सीटें हैं, गुना और छिंदवाडा.

जाहिर है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने अपने लाज बचाने के लिए प्रदेश बीजेपी को ये दो सीटें जीतना जरूरी हो गया है. इसी कारण पार्टी इन दोनों सीटों को लेकर गंभीर नज़र आ रही है.