टोंक:राजस्थान की लाइफलाइन बन चुका टोंक जिले में देवली का बीसलपुर बांध गुरुवार को अपने पिछले दस सालों के न्यूनतम जल स्तर पर पहुंच गया। हालात यह है कि टोंक, अजमेर, जयपुर सहित कई शहरों और सैकड़ों गांवों में की जाने वाली पेयजल सप्लाई में भारी कटौती की गई है। पिछले पांच माह के भीतर 6 टीएमसी पानी वाष्पीकरण हो चुका है। अब यदि थोड़े दिन और बारिश नही होतीं है, तो बांध का पानी केवल 3 माह तक ही जयपुर-अजमेर जैसे महानगरों के लोगों की प्यास बुझा सकेगा। जो नवम्बर तक पर्याप्त होगा। बारिश नहीं होने से एक ओर जहां सरकार के हाथ पैर फूलने लगे है वहीं अधिकारियों की सांसे भी ऊपर नीचे हो रही है।

आपको बता दें कि बांध का कुल जलभराव 315.50 आरएल मीटर है। इसमें 38.70 टीएमसी पानी भरता है। इस बार गत 30 जुलाई को बांध में पानी की आवक रुकने के दौरान बांध का गेज 313.88 आरएल मीटर दर्ज किया गया था। तब बांध में 27.04 टीएमसी पानी था। गुरुवार को बांध का गेज 309.19 आरएल मीटर दर्ज किया गया है। इसमें 08.61 टीएमसी पानी शेष बचा हुआ है।

बांध परियोजना के सहायक अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि अब तक 4 टीएमसी सिचाई के लिए, 10.35 टीएमसी पानी पेयजल के लिए दिया चुका है जबकि पांच माह में अब तक 6 टीएमसी पानी वाष्पीकरण और अन्य में खर्च हो चुका है।

बीसलपुर बांध के अधिकारियों की माने तो साल 2010 में इससे बुरे हाल हुए थे। जब बीसलपुर बांध में ट्यूबवैल्स खुदवाई गई थी और अब एक बार फिर से बीसलपुर बांध में जल संकट पैदा हो गया है। जिसके चलते 7 साल से बंद पड़े ट्यूबवैल फिर चालू करने की कवायद शुरू की जा रही है। साथ ही कुछ नए ट्यूबवैल्स के टैंडर की प्रक्रिया के लिए भी अधिकारी जद्दोजहद कर रहे हैं। वैसे तो अब तक अगस्त माह में होने वाली बारिश से ही बीसलपुर बांध लबालब होता आया है लेकिन अब मानसून की बेरूखी से वाकई चिंता बढ़ा रही है।