मुंबई, बॉलीवुड में राकेश रोशन का नाम एक ऐसे फिल्मकार रूप में शुमार किया जाता है जो अपनी निर्मित फिल्मों से तीन दशक से अधिक समय से मनोरंजन कर रहे है। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर एक नजर डालते है उनके जीवन के कुछ अनछुए पहलुओं पर। राकेश का जन्म छह सितम्बर 1949 को मुम्बई में हुआ। उनके पिता रोशन फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर संगीतकार थे। राकेश ने 1970 में घर-घर की कहानी से अपने फिल्म करियर की शुरआत की। नायक के तौर पर उनकी पहली फिल्म 1971 में प्रदर्शित फिल्म पराया धन थी, जो सुपरहिट रही।

इसके बाद राकेश ने कई फिल्मों में अभिनय किया लेकिन खास सफल नही रहे। अभिनय में अपेक्षित कामयाबी हासिल नहीं कर पाने के बाद राकेश ने 1980 में आपके दीवाने फिल्म के जरिए निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कामचोर, 1982 फिल्म बनाई। इन दोनों फिल्मों में उन्होंने अभिनय भी किया। के. विश्वनाथ के निर्देशन में बनी फिल्म कामचोर के सुपरहिट होने के बाद उन्हें यह लगा कि के अक्षर उनके लिए 'लकी' है और उन्होंने अपनी आगामी सभी फिल्मों के नाम के अक्षर से रखने शुरू कर दिए। इस अक्षर से शुरू होने वाली उनकी फिल्में हैं, खुदगर्ज, खून भरी मांग, काला बाजार, किशन कन्हैया, कोयला, करण अर्जुन, कहो ना प्यार है, कोई मिल गया, क्रिश, क्रेजी4, किंग अंकल, काइट्स, काबिल आदि।