नई दिल्ली, बिहार में बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को 153 पहुंचने के साथ ही बाढ़ प्रभावित 17 जिलों में फंसे हुए लोगों की संख्या एक करोड़ से पार हो चुकी है। नेपाल से लगते पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना को बुलाया गया है। असम और बंगाल में तेज बारिश नहीं होने से हालात में थोड़ा सुधार हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव अनिरूद्ध कुमार ने बताया कि बिहार के अररिया जिले में मरनेवालों की संख्या 30 पार हो चुकी है। पश्चिम चंपारण में 23, सीतामढ़ी में 13, मधुबनी में आठ, कटिहार में  सात, किशनगंज, पूर्वी चंपारण, सुपौल जिलों में 11-11, पूर्णिया और मधेपुरा जिले में नौ-नौ लोगों की मौत हुई है। दरभंगा, गोपालगंज और सहरसा जिलों में चार-चार, खगडिय़ा और शिवहर में तीन-तीन, सारण में दो और मुजफ्फरपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि बिहार के 17 जिलों और 1,688 पंचायत मे करीब 1.08 करोड़ लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। मौसम कार्यालय ने बताया कि पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया में गरज के साथ कल बारिश होने की आशंका है। एक अधिकारिक बयान में बताया गया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करके अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूर्वी चंपारण के क्षेत्रों में हवाई मार्ग से खाद्य पदार्थों के पैकेटों के वितरण को तेज करने को कहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 1,152 सदस्यों वाली 28 टीम 118 नाव की मदद से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य कर रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने एक विज्ञप्ति में बताया कि 2,228 कर्मियों के साथ सेना की सात टीम 280 नाव की मदद से राहत और बचाव कार्य में मदद कर रही है।

आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव ने कहा कि 1,765 समुदायिक रसोई राज्य में बाढ़ प्रभावित कई क्षेत्रों में 3.44 लाख लोगों को खाना खिला रही है। इसी बीच सप्ताह की शुरआत में बेंगलुरू में रिकॉर्ड बारिश होने के बाद यहां स्थिति में सुधार हो रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली में बारिश नहीं हुई। लगातार हो रही बारिश और नदियों में बहाव की वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश में हालात और भी खराब हो गए हैं। यहां सेना को बचाव कार्य के लिए बुलाया गया है। प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि गोरखपुर-सनौली मार्ग पर नेपाल की तरफ यातायात रूक गया है।

जिले के 105 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें से 35 गांव पूरी तरह जलमग्न हैं और यहां के लोगों को सुरक्षति स्थानों पर भेजा गया है। उत्तरी बंगाल में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है। सभी नदियों में जलस्तर घट रहा है। हालांकि मरनेवाले लोगों की संख्या 52 तक पहुंच चुकी है। पूर्वाेत्तर राज्य असम में बाढ़ संबंधित घटनाओं में 11 और लोगों की मौत हो गई। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि ताजा बारिश नहीं होने की वजह से हालात में सुधार हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि ओडिशा मं निम्न दबाव क्षेत्र बनने से अगले 24 घंटों में भारी बारिश की आशंका है। हिमाचल प्रदेश में दोची गांव के निकट भूस्खलन की वजह से यातायात प्रभावित हो गया।