नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए बिहार और केरल के हर जिले में विशेष अदालतें गठित करने का निर्देश दिया है। प्रधान न्‍यायाधीश रंजन गोगोई की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने पटना और केरल उच्‍च न्‍यायालयों से इस महीने की 14 तारीख तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। 

शीर्ष न्‍यायालय ने कहा कि विशेष अदालतें, सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई करते समय आजीवन कारावास के मामलों को प्राथमिकता देंगी। साथ ही कहा कि इन मामलों की सुनवाई के लिए दो राज्यों के जिलों में जरूरत के अनुसार अदालतों का गठन किया जा सकता है। अदालत अधिवक्ता एवं भाजपा नेता अश्चिनी उपाध्याय की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें आपराधिक मामलों में दोष सिद्ध नेताओं पर ताउम्र प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। बता दें कि मौजूदा और पूर्व सांसदों तथा विधायकों के खिलाफ 4122 आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें से कुछ मामले तो तीन दशक पुराने हैं।