हाई प्रोफाइल भय्यूजी महाराज ने खुदकुशी के बाद बरामद सुसाइड नोट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि उन्‍होंने अपने आश्रम और वित्‍तीय शक्‍तियों की जिम्‍मेदारी सेवादार विनायक को सौंपी हैं. सुसाइड नोट में साफ लिखा है कि उनके आश्रम और उससे जुड़ी सभी वित्‍तीय शक्‍तियां उनके वफादार सेवादार विनायक ही उठाएंगे.

 भय्यूजी महाराज के सुसाइड करने के पीछे पारिवारिक कलह को वजह बताया जा रहा है. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें बेहद तनाव में होने का जिक्र किया गया है. हालांकि इसके लिए किसी को भी जिम्‍मेदार नहीं बताया गया है.
भय्यूजी महाराज ने मंगलवार दोपहर को इंदौर के सिल्वर स्प्रिंग स्थित अपने बंगले पर खुद को गोली मार ली थी. भय्यूजी महाराज को उनके परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बाद में पुलिस उनके बंगले पर पहुंची, जहां एक सुसाइड नोट मिला है.डायरी के पन्‍ने में लिखा सुसाइड नोट
डायरी के एक छोटे से पन्ने पर लिखे इस सुसाइड नोट से पता चलता है कि भय्यू महाराज कुछ दिनों से बेहद तनाव में थे. सुसाइड नोट के अनुसार, 'परिवार के दायित्व को संभालने के लिए किसी को वहां होना चाहिए. मैं बेहद परेशान होकर तनाव के साथ जा रहा हूं.'

कौन थे भय्यूजी महाराज
-शुजालपुर के एक किसान परिवार में जन्मे भय्यूजी महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख था.
-इंदौर में बापट चौराहे पर उनका आश्रम है जहां से वे अपने ट्रस्ट के सामाजिक कार्यों का संचालन करते थे.
-भय्यू महाराज की पहली पत्नी का नाम माधवी था जिनका निधन हो चुका है.
-माधवी से उनकी एक बेटी कुहू है जो फिलहाल पुणे में पढ़ाई कर रही है.
-भय्यू महाराज नाम तब चर्चा में आया था, जब भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे अन्ना हजारे को मनाने के लिए यूपीए सरकार ने उनसे संपर्क किया था.