नई दिल्ली:बसंत पंचमी का दिन हिंदु पुराणों में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। सबसे बड़ी बात बसंत पंचमी से हल्की सर्दी हो जाती है। इसे ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप मनाया जाता है। बसंत ऋतु में सरसों कर फसल के कारण धरती पीली नजर आती है। इसी लिए लोग पीले वस्त्र पहन कर बसंत का स्वागत करते हैं। इस दिन सूर्य उत्तारायण होता है।

बसंत पंचमी फसल और हरियाली का त्योहार है। इस दिन कभी भी फसल नहीं काटना चाहिए। इस दिन घर में मौजूद पेड़ों को भी किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।  बतादें, माघ शुक्ल की पंचमी को आज वसंत पंचमी मनाई जा रही है। इस बार बसंत पंचमी पर अमृतसिद्धी और शुभ योग का उत्तम संयोग बन बन रहा है।बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े पहनने का अधिक महत्व होता है।

इस दिन भूलकर भी काले और लाल रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इस दिन मांस मछली से दूर ही रहें। केवल सात्विक भोजन ही करें। बसंत पंचमी के दिन स्नान किए बिना कोई भी कार्य न करें। सुबह उठकर सबसे पहले स्नान कर के मां सरस्वती की पूरे विधि-विधान के साथ पूजन करें और उसके बाद ही कुछ खाएं।