नई दिल्ली, बकरीद का त्योहार आज मनाया जाएगा। इस दिन मुसलमान ईद की नमाज पढ़कर कुर्बानी करते हैं। शुक्रवार शाम ईद की तैयारियां पूरी कर ली गईं। शनिवार को मस्जिदों में नमाज के दौरान खासी रौनक देखने को मिलेगी। मस्जिद कमिटियों ने शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद बकरीद की नमाज का वक्त तय कर दिया। ऊंचा गांव स्थित जामा मस्जिद के मौलाना जमालुद्दीन ने शुक्रवार को जुमा की नमाज के साथ ईमान के रास्ते पर चलने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुर्बानी ऐसे करें जिससे किसी दूसरे को तकलीफ न पहुंचे।

गिफ्ट देने का प्रचलन बढ़ा

मौलाना जमालुद्दीन ने इस्लामी कैलंडर के मुताबिक, जो पहली ईद आती है, वह ईद-उल-फितर है। इसे मीठी ईद या सेवइयों वाली ईद भी कहा जाता है। असलियत में यह ईद रमजान के 29 या 30 रोजों के बाद आती है और उन लोगों के लिए एक इनाम होती है, जिन्होंने पूरे महीने रोजे रखे। जहां तक बकरीद की बात है, तो यह हर साल मीठी ईद के करीब दो महीने बाद आती है। इसे नमकीन ईद भी कहा जाता है। इस दिन विशेष ईद की नमाज पढ़ना, पकवानों का बनना, मित्रों में मिठाई बांटना, नए कपड़े पहनना, सगे- संबंधियों के घर जाना आदि दोनों में होते हैं। साथ ही गिफ्ट भी देने का प्रचलन है।

बकरों की हुई खरीदारी

बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरों के बाजार में भी चहल-पहल रही। बाजार में 7 हजार से 30 हजार तक के बकरे बिके। हालांकि, इस बार महंगाई का असर साफ दिखाई दिया। सेक्टर-48 स्थित बाजार में दिल्ली, मेवात व राजस्थान से बकरे लाए गए थे। बकरा विक्रेता सुलेमान ने बताया कि इस बार पहाड़ी और राजस्थानी बकरों की बिक्री अधिक हुई है। ओल्ड फरीदाबाद बाजार में बकरा विक्रेता मोहम्मद सलमान ने बताया कि उनके पास 7 हजार से लेकर 35 हजार तक के बकरे खूब बिके।