अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सरयू तट पर करीब 1500 मुसलमानों द्वारा सामूहिक नमाज का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। अब न सरयू के जल से वजू होगा, न ही कोइ नमाज होगी। कहा जा रहा है कि जिला प्रशासन के दबाव के बाद मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने फैसला ​बदल दिया है। अब मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के लोग रामकथा संग्रहालय से 9 गजी मजार के लिए रवाना हुए हैं। वहां वह नमाज पढ़ेंगे।

हालांकि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के आयोजक मुरारी दास ने कहा कि प्रशासन की तरफ से किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया गया है। हम अपनी मर्जी से वजू कार्यक्रम स्थगित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले से प्रस्तावित और सभी कार्यक्रम जस के तस किये जाएंगे। उधर प्रशासन इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर रहा है।

इससे पहले प्रशासन में सुबह से ही कार्यक्रम को लेकर मंथन जारी था। वहीं एहतियातन सरयू तट के किनारे सुरक्षा घेरा कस दिया गया था। कार्यक्रम के अनुसार, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को 3 बजे सरयू तट पर सामूहिक रूप से नमाज पढ़नी थी। इस दौरान मुस्लिम राष्ट्रीय मंच सरयू जल से वजू करने की बात सामने आई थी। इसके बाद अयोध्या की 9 गजी मजार पर भी नमाज पढ़ने का कार्यक्रम रखा गया। ताजा घटनाक्रम में सरयू किनारे सामूहिक नमाज का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है, वहीं 9 गजी मजार पर नमाज पढ़ने का कार्यक्रम में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।

दरअसल राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की तरफ से ऐलान किया गया था कि गुरुवार को सरयू तट पर कुरान की आयतें पढ़ीं जाएंगी। लगभग डेढ़ हजार मुस्लिम कुरान की आयतें पढ़कर राम मंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने की दुआ मांगेंगे। साथ ही देश में एकता, अखंडता और भाईचारे का संदेश भी देंगे। इस कार्यक्रम में अल्पसंख्यक मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी भी मौजूद रहेंगे।

उधर मुस्लिम मंच के इस कार्यक्रम से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आरएसएस ने खुद को अलग कर लिया। आरएसएस के ट‌्विटर हैंडल से अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने बयान जारी किया कि "राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा अयोध्या में सामूहिक नमाज का आयोजन किया जा रहा है, ऐसा समाचार कुछ प्रचार माध्यमों में आया है। यह पूर्णतया निराधार एवं असत्य है।"

आरएसएस के इस कार्यक्रम से किनारा करने के बाद से ही इस कार्यक्रम पर संशय के बादल गहराने लगे। वहीं आरएसएस के कार्यक्रम से किनारा करने के बाद मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी के पहुंचने पर भी सस्पेंस खड़ा हो गया। आखिरकार दोपहर होते-होते खबर आ गई कि कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।

बता दें, कार्यक्रम के मुताबिक करीब 1500 मुस्लिम 12 जुलाई (गुरुवार) को सरयू के जल से वजू कर सामूहिक नमाज अदा करेंगे। कहा गया कि यह आयोजन राम मंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए किया जा रहा है। माना जा रहा था कि यह एक अनोखा दृश्य होगा, जब हजारों की संख्या में मुस्लिम सरयू तट पर एक तरफ कुरान की आयतें पढ़ेंगे, तो वहीं दूसरी तरफ मंदिरों में मंत्रोच्चारण के बीच घंटे बज रहे होंगे।