नई दिल्ली : साधु वासवानी मिशन के प्रमुख एवं आध्यात्मिक गुरू दादा जे पी वासवानी का 99 साल की उम्र में गुरुवार (12 जुलाई) निधन हो गया। मिशन की एक सदस्य ने बताया कि वासवानी लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों के कारण परेशान थे, जिसके कारण आज उनका निधन हो गया। उन्होंने बताया कि साधु वासवानी 99 साल के थे।

मिशन की सदस्य ने कहा, 'उन्हें पिछले दिनों शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें कल रात अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।' उन्होंने बताया कि वासवानी का आज सुबह मिशन के परिसर में निधन हो गया। सदस्य ने बताया कि अगले महीने वासवानी का 100 वां जन्मदिन मनाया जाना था जिसके लिए मिशन बड़े समारोह की योजना बना रहा था।

दो अगस्त 1918 को पाकिस्तान के हैदराबाद शहर में जन्मे दादा वासवानी पुणे के एक एनजीओ साधु वासवानी मिशन के प्रमुख थे। यह संस्था सामाजिक और दान - पुण्य संबंधी कार्य करती है। वासवानी के 99 वें जन्मदिन पर आयोजित समारोह को पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो लिंक के जरिए संबोधित किया था। इस साल मई में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी उनके मिशन पहुंचे थे। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी भी अक्सर मिशन आते थे।

पीएम मोदी ने वासवानी के बारे में कही थी ये बातें
बता दें कि 2 अगस्त 2017 को वासवानी के 99वें जन्मदिवस समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा था कि उन्होंने निस्वार्थ भावना से देश के लोगों के लिए काम किया था। पीएम मोदी ने कहा था, ‘सही विकल्‍प की तैयारी’ पर आधारित दादा वासवानी के विचारों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि व्‍यक्ति सही विकल्‍प तैयार करने का संकल्‍प लेता है तो भ्रष्‍टाचार, जातिवाद, नशाखोरी, अपराध आदि जैसी बुराइयों को समाप्‍त किया जा सकता है।'