श्रीनगर, जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि असिफा दुष्कर्म एवं हत्याकांड मामले में जांच को लेकर किसी प्रकार की गलतफहमी को पालने की जरूरत नहीं है क्योंकि न्याय सर्वाेपरि है। मुफ्ती ने सरकार की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी का नाम लिए बगैर इस आशय की प्रतिक्रिया व्यक्त की। बीजेपी इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग कर रही है। मुफ्ती ने अपनी ट्वीट में कहा कि कुछ लोग कठुआ कांड की जांच की प्रगति को लेकर गलतफहमियां फैला रहे हैं। जांच प्रकिया या इसकी प्रकृति को लेकर किसी प्रकार की गलतफहमी पालने की जरूरत नहीं है।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख ने कहा कि राज्य की शीर्ष कोर्ट की निगरानी में सक्षम पुलिस अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। आरोपियों के समर्थन में किसी प्रकार की रैली या प्रदर्शन अनैतिक है। न्याय सर्वाेपरि है और न्याय होकर रहेगा। राज्य की गठबंधन सरकार के दो मंत्रियों सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने खुले तौर पर हिंदू एकता मंच (हिंएमं) द्वारा सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया है।

उनका कहना कि उन्हें जम्मू कश्मीर पुलिस की अपराध शाख पर विश्वास नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के केंद्रीय मंत्री डा. जितेन्द्र सिंह ने भी कहा है कि सरकार को सीबीआई जांच की मांग कर रहे स्थानीय लोगों की बातें भी सुननी चाहिए। हालांकि, पीडीपी नेताओं ने सीबीआई जांच की मांग को खारिज करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय की निगरानी में अपराध शाखा की जांच सही दिशा में जा रही है।

मुख्य विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस (नेकां), कांग्रेस और अलगाववादियों ने भी अपराध में शामिल लोगों के समर्थन में तिरंगे के साथ जुलूस निकालने के लिए हिंएमं और बीजेपी की तीखी आलोचना की है। अपराध शाखा ने हाल ही में उच्च न्यायालय में इस मामले के बारे में एक रिपोर्ट दायर की है। आठ वर्षीय असिफ़ा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी और एक सप्ताह के बाद कठुआ में उसका शव बरामद किया गया। अपराध शाखा ने मामले के सिलसिले में एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) और दो अन्य पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है। हिंएमं के बैनर के तहत स्थानीय लोग सीबीआई जांच की मांग को लेकर लगभग हर रोज प्रदर्शन कर रहे हैं।