कश्मीर: उधर भारत के तमाम नेता बड़े बड़े मंचो पर बोल रहे थे कि आतंक का कोई धर्म नही होता उधर उनके तमाम दावों को चुनौती देते हुए एक और आतंकी ने थाम लिया हथियार और कर दिया है भारत के ही खिलाफ एलान ए जंग ।
इस मामले में सबसे खतरनाक पहलू ये है कि इस बार आतंकी बने गद्दार को किसी आतंकी समूह से ट्रेनिंग लेने की जरूरत नहीं है बल्कि उसको हथियार चलाने की ट्रेनिंग खुद भारत की ही सरकार ने दिया है ।
ज्ञात हो कि भारत की सहिष्णुता को चुनौती देने की कोशिश जारी है जिसमे कश्मीर में रहने वाले एक और गद्दार ने उठा लिया है हथियार और कर दिया है उस देश के खिलाफ जंग का एलन जिसने उसको अल्पसंख्यक के नाम पर तमाम सुविधाएँ दी हैं।  ज्ञात हो कि इस बार आतंकी बना गद्दार कश्मीर पुलिस का ही एक जवान है जिसने पूरी सोची समझी साजिश के चलते पहले तो देशभक्ति दिखा कर कश्मीर पुलिस में जगह बनाई और कश्मीर पुलिस के साथ साथ सेना के तमाम राज़ लेने लगा ।

आशा ये भी जताई जा रही है कि अपनी सेवा के समय में इस गद्दार ने पुलिस और सेना की कई जानकारियां आतंकियों को दी रही होंगी।  उसको पता है कि सेना और पुलिस की मूवमेंट किस प्रकार से होती है और घेराबंदी आदि की रणनीति कैसे होती है ।  इस बार आतंकी बने पुलिसवाले का नाम तारिक अहमद बट है जिसके अब्बा का नाम मोहम्मद अब्दुल्ला बट है ।

ये गद्दार दक्षिण कश्मीर के शोपियां इलाके के खास्सीपुरा का रहने वाला है ।  इस गद्दार ने इस्लामिक आतंकी दल लश्कर ए तोइबा ज्वाइन किया है। आतंक की वजह बेरोजगारी बताने वाले ये नहीं बता पा रहे हैं कि एक नौकरीपेशा कैसे बन गया आतंकी जिसके पास पैसे की कोई तंगी नहीं थी और ये खुद ग्रेजुएट और B ED जैसी डिग्रियां भी हासिल कर चुका है ।  फिलहाल इस मामले में पुलिस ने इस आतंकी की तलाश शुरू कर दी है।