जयपुर, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने अजमेर जिले के केकड़ी कस्बे में 40 वर्षीय महिला को डायन बताकर अमानवीय यातना देने के कारण हुई मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इस घटना की कड़े शब्दों में निन्दा की है। पायलट ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रदेश में डायन प्रथा उन्मूलन के लिए एक्ट लागू होने के बावजूद महिलाओं को डायन के रूप में प्रताडि़त किया जाना प्रदेश सरकार की सोच में महिलाओं के प्रति संवेदनहीनता होने का परिचायक है। उन्होंने कहा कि केकड़ी कस्बे की इस दर्दनाक घटना के अलावा भीलवाड़ा, राजसमन्द, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूॅगरपुर जैसे प्रदेश के अनेकों जिलों में महिलाओं को डायन करार देकर असहनीय शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केकड़ी में हुए शोषण की पराकाष्ठा का परिणाम यह निकला कि महिला की मौत हो गई, जिस अमानवीय तरीके से महिला के साथ व्यवहार किया गया वह सभ्य समाज पर एक बहुत बड़ा कलंक है।

पायलट ने कहा कि प्रदेश में महिला मुख्यमंत्री के होने के बावजूद महिलाओं का अपहरण, बलात्कार, लूटपाट व मासूम नवजात बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं का बढऩा इस बात का गवाह है कि न तो सरकार के स्तर पर और ना ही प्रशासन के स्तर पर महिलाओं को सुरक्षा देने व उन्हें न्याय प्रदान करने के लिए कोई प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ढाई वर्ष पूर्व भी ऐसी ही एक शर्मसार करने वाली घटना के कारण देश में ही नहीं विदेशों में भी प्रदेश को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि जब महिला को न्याय नहीं मिलता है तो अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं और वे मानवता को शर्मसार करने वाले कारनामों को बेशर्मी से अंजाम देते हैं। उन्होंने कहा कि उक्त घटना की उच्च स्तरीय जॉंच करवाकर अपराधियों व उनको संरक्षण देने वाले लोगों के खिलाफ हत्या, महिला की अस्मिता के साथ छेड़छाड़ सहित अन्य सख्त धाराओं में मामले दर्ज कर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाए ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।