महाराजगंज (उत्तर प्रदेश) : बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि बीजेपी अयोध्‍या में रामजन्म भूमि पर जल्द से जल्द श्रीराम मंदिर बनाने के लिए कटिबद्ध है. शाह ने साथ ही सपा-बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मायावती, अखिलेश यादव और राहुल गांधी राम जन्मभूमि पर अपना रुख देश की जनता के सामने रखें.' उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस, सपा, बसपा स्पष्ट करें की वे उसी स्थान पर राम मंदिर बनाने के पक्ष में हैं या नहीं. ये लोग हां बोलें या ना, बीजेपी वहां पर राम मंदिर बनाकर ही रहेगी.

बीजेपी अध्‍यक्ष यहां गोरखपुर क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने विरोधी दलों के गठबंधन पर कहा कि गठबंधन से जरा भी चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है. उत्तर प्रदेश का परिणाम दीवार पर लिखा दिखता है कि इस बार 2019 के लोकसभा चुनाव में 73 की 74 सीटें होंगी. उत्तर प्रदेश की जनता गठबंधन को साफ कर देगी.

शाह ने कहा कि वर्षों से देश के पिछड़े, अति पिछड़े और ओबीसी लगातार संवैधानिक मान्यता के लिए संघर्ष करते रहे लेकिन कांग्रेस, सपा और बसपा राजनीति करते रहे. बीजेपी ने इन पिछड़ा और अति पिछड़ा समाज के बोर्ड को संवैधानिक मान्यता देने का काम किया. उन्होंने कहा कि सपा-बसपा की सरकारों में निजाम राज था. 'नसीमुददीन भाई थे, इमरान भाई थे, अफजल भाई थे, आजम खान थे और मुख्तार थे. बीजेपी ने इन निजामों को उखाड़ने का काम किया है.' 

शाह ने कहा कि जब सपा-बसपा की सरकारें थीं तो यहां निजाम चलता था, जिन्होंने मिलकर यहां आतंकवाद का कॉरिडोर बनाया था. 'लेकिन योगी की सरकार आते ही हमने इनके इस कॉरिडोर को उखाड़ फेंकने का काम किया.' उन्‍होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी की सरकार बनने के बाद माफिया यहां से पलायन कर गए हैं.

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हम तीन तलाक पर कानून लेकर आए लेकिन कांग्रेस अल्पसंख्यक अधिवेशन में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ने कहा कि हम आएंगे तो ट्रिपल तलाक वापस ले आएंगे. 'यह देश इस तरह से नहीं चलेगा. हर महिला को अपने सम्मान का अधिकार है.' घुसपैठियों के मसले पर उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक और असम से गुजरात तक, उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड तक एक एक घुसपैठिये को चुन-चुन कर निकालने का काम बीजेपी सरकार करेगी.

शाह ने कहा कि देश के अंदर घुसपैठियों को हटाने का काम मोदी सरकार ने शुरू किया तो कांग्रेस, सपा और बसपा सभी विरोध में आ गए. उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए बुआ-भतीजे (मायावती-अखिलेश) के लिए वोटबैंक हो सकते हैं लेकिन हमारे लिए देश की सुरक्षा सबसे बड़ी है.