बर्मिंघम, ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप आज से शुरू होगी। इसमें भारतीय स्टार खिलाड़ी सायना नेहवाल को पहले ही राउंड में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी ताइपे की तेई जू यिंग की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। वहीं ओलंपिक रजत विजेता पीवी सिंधु की शुरूआती राह आसान है। 17 साल से कोई भी भारतीय खिलाड़ी इस खिताब को नहीं जीत सका है।

वर्ष 2015 में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली सायना विश्व रैंकिंग में इस समय 11वें नंबर पर हैं। सायना को गत चैंपियन जू यिंग की चुनौती से पहले पार पाना होगा। सायना का ताइपे की दिग्गज खिलाड़ी के खिलाफ 5-9 का कॅरियर रिकॉर्ड है। दूसरी तरफ चौथी वरीयता प्राप्त सिंधु के सामने पहले राउंड में थाईलैंड की पोर्नपावी चोकूवांग की चुनौती होगी।

सिंधु का 22वीं रैंकिंग की थाई खिलाड़ी के खिलाफ 1-0 का कॅरियर रिकॉर्ड है। भारत को 2001 के बाद से अपने पहले ऑल इंग्लैंड खिताब की तलाश है। आखिरी बार यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी मौजूदा कोच पुलेला गोपीचंद थे जिन्होंने 2001 में यह खिताब जीता था। गोपीचंद से पहले महान प्रकाश पादुकोण ने 1980 में ऑल इंग्लैंड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।

महिला वर्ग में सिंधु और सायना जहां भारतीय चुनौती संभालेंगी वहीं पुरूष वर्ग में शीर्ष भारतीय खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत पर उम्मीदों का दारोमदार रहेगा। श्रीकांत का पहला मुकाबला फ्रांस के ब्राइस लेवरदेज से होगा। तीसरी वरीयता प्राप्त श्रीकांत पहली बार लेवरदेज के खिलाफ मुकाबला खेलेंगे। लेवरदेज की विश्व रैंकिंग 23वीं हैं।