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 जर्मनी की प्रयोगशाला के बाद फ्रांस और स्वीडन की प्रयोगशालाओं ने भी पुष्टि कर दी है कि रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी को सोवियत कालीन नर्व एजेंट नोविचोक दिया गया. यह घातक जहर कुछ क्षणों में ही व्यक्ति के नर्वस सिस्टम को बेकार कर देता है जिसके बाद शिकार हुआ व्यक्ति अचेत हो जाता है और कुछ देर बाद उसकी मौत हो जाती है. (फोटो-AFP) जर्मनी की प्रयोगशाला के बाद फ्रांस और स्वीडन की प्रयोगशालाओं ने भी पुष्टि कर दी है कि रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी को सोवियत कालीन नर्व एजेंट नोविचोक दिया गया. यह घातक जहर कुछ क्षणों में ही व्यक्ति के नर्वस सिस्टम को बेकार कर देता है जिसके बाद शिकार हुआ व्यक्ति अचेत हो जाता है और कुछ देर बाद उसकी मौत हो जाती है. (फोटो-AFP)

जर्मनी की प्रयोगशाला के बाद फ्रांस और स्वीडन की प्रयोगशालाओं ने भी पुष्टि कर दी है कि रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी को सोवियत कालीन नर्व एजेंट नोविचोक दिया गया. यह घातक जहर कुछ क्षणों में ही व्यक्ति के नर्वस सिस्टम को बेकार कर देता है जिसके बाद शिकार हुआ व्यक्ति अचेत हो जाता है और कुछ देर बाद उसकी मौत हो जाती है. (फोटो-AFP)

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 इससे पहले जर्मनी ने दावा किया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी नेता एलेक्सी नवेलनी को नोविचोक जहर दिया गया था. फ्रांस और स्वीडन की एक्सपर्ट लैब में हुए टेस्ट के बाद नवेलनी को सोवियत दौर के नर्व एजेंट नोविचोक दिए जाने की पुष्टि हुई है. जर्मनी की एक सैन्य प्रयोगशाला ने भी पूर्व में उनके नमूनों में इस पदार्थ की पुष्टि की थी. इस समय नवेलनी का जर्मनी में इलाज चल रहा है.  (फोटो-AFP) इससे पहले जर्मनी ने दावा किया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी नेता एलेक्सी नवेलनी को नोविचोक जहर दिया गया था. फ्रांस और स्वीडन की एक्सपर्ट लैब में हुए टेस्ट के बाद नवेलनी को सोवियत दौर के नर्व एजेंट नोविचोक दिए जाने की पुष्टि हुई है. जर्मनी की एक सैन्य प्रयोगशाला ने भी पूर्व में उनके नमूनों में इस पदार्थ की पुष्टि की थी. इस समय नवेलनी का जर्मनी में इलाज चल रहा है.  (फोटो-AFP)

इससे पहले जर्मनी ने दावा किया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधी नेता एलेक्सी नवेलनी को नोविचोक जहर दिया गया था. फ्रांस और स्वीडन की एक्सपर्ट लैब में हुए टेस्ट के बाद नवेलनी को सोवियत दौर के नर्व एजेंट नोविचोक दिए जाने की पुष्टि हुई है. जर्मनी की एक सैन्य प्रयोगशाला ने भी पूर्व में उनके नमूनों में इस पदार्थ की पुष्टि की थी. इस समय नवेलनी का जर्मनी में इलाज चल रहा है.  (फोटो-AFP)

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 जर्मनी की सरकार के प्रवक्ता स्टीफन सीबर्ट ने कहा है कि हेग स्थित रासायनिक हथियारों की रोकथाम करने वाला संगठन अब नवेलनी के मामले में आवश्यक कदम उठाएगा. अब तीन स्वतंत्र प्रयोगशालाओं की जांच में पुष्टि हो चुकी है कि नवेलनी को घातक जहर नोविचोक दिया गया. सीबर्ट ने कहा, जर्मनी ने फ्रांस और स्वीडन से मामले के स्वतंत्र परीक्षण के लिए कहा था. इसी के चलते दोनों देशों की प्रयोगशालाओं ने नए नमूने लिए और जर्मनी की प्रयोगशाला से पृथक जांच की. हेग की संस्था ने भी अलग से नमूना लिया है.  (फोटो-AFP) जर्मनी की सरकार के प्रवक्ता स्टीफन सीबर्ट ने कहा है कि हेग स्थित रासायनिक हथियारों की रोकथाम करने वाला संगठन अब नवेलनी के मामले में आवश्यक कदम उठाएगा. अब तीन स्वतंत्र प्रयोगशालाओं की जांच में पुष्टि हो चुकी है कि नवेलनी को घातक जहर नोविचोक दिया गया. सीबर्ट ने कहा, जर्मनी ने फ्रांस और स्वीडन से मामले के स्वतंत्र परीक्षण के लिए कहा था. इसी के चलते दोनों देशों की प्रयोगशालाओं ने नए नमूने लिए और जर्मनी की प्रयोगशाला से पृथक जांच की. हेग की संस्था ने भी अलग से नमूना लिया है.  (फोटो-AFP)

जर्मनी की सरकार के प्रवक्ता स्टीफन सीबर्ट ने कहा है कि हेग स्थित रासायनिक हथियारों की रोकथाम करने वाला संगठन अब नवेलनी के मामले में आवश्यक कदम उठाएगा. अब तीन स्वतंत्र प्रयोगशालाओं की जांच में पुष्टि हो चुकी है कि नवेलनी को घातक जहर नोविचोक दिया गया. सीबर्ट ने कहा, जर्मनी ने फ्रांस और स्वीडन से मामले के स्वतंत्र परीक्षण के लिए कहा था. इसी के चलते दोनों देशों की प्रयोगशालाओं ने नए नमूने लिए और जर्मनी की प्रयोगशाला से पृथक जांच की. हेग की संस्था ने भी अलग से नमूना लिया है.  (फोटो-AFP)

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 रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे मुखर विरोधी के रूप में ख्यात नवेलनी 20 अगस्त को साइबेरिया से मॉस्को जाते समय अचानक अचेत हो गए थे. जहर दिए जाने की चर्चाओं के बीच उन्हें उसी हालत में इलाज के लिए जर्मनी लाया गया. इस समय बर्लिन के चैरिट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. जहर दिए जाने की चर्चाओं के बीच उन्हें उसी हालत में इलाज के लिए जर्मनी लाया गया. इस समय बर्लिन के चैरिट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.  (फोटो-AFP) रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे मुखर विरोधी के रूप में ख्यात नवेलनी 20 अगस्त को साइबेरिया से मॉस्को जाते समय अचानक अचेत हो गए थे. जहर दिए जाने की चर्चाओं के बीच उन्हें उसी हालत में इलाज के लिए जर्मनी लाया गया. इस समय बर्लिन के चैरिट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. जहर दिए जाने की चर्चाओं के बीच उन्हें उसी हालत में इलाज के लिए जर्मनी लाया गया. इस समय बर्लिन के चैरिट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.  (फोटो-AFP)

रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे मुखर विरोधी के रूप में ख्यात नवेलनी 20 अगस्त को साइबेरिया से मॉस्को जाते समय अचानक अचेत हो गए थे. जहर दिए जाने की चर्चाओं के बीच उन्हें उसी हालत में इलाज के लिए जर्मनी लाया गया. इस समय बर्लिन के चैरिट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. जहर दिए जाने की चर्चाओं के बीच उन्हें उसी हालत में इलाज के लिए जर्मनी लाया गया. इस समय बर्लिन के चैरिट अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.  (फोटो-AFP)

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 जर्मनी ने रूस से मामले की जांच की मांग की है. सीबर्ट ने सोमवार को यह मांग फिर दोहराई. कहा, रूस खुद ही पूरा मामला सार्वजनिक करे. प्रवक्ता ने कहा, जर्मनी अपने यूरोपीय मित्र देशों के साथ अगले कदम को लेकर विचार-विमर्श कर रहा है. रूसी राष्ट्रपति का क्रेमलिन कार्यालय इस मामले में सरकारी हाथ होने से पहले ही इन्कार कर चुका है. कार्यालय ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और अन्य विश्व नेताओं को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया है.  (फोटो-AFP) जर्मनी ने रूस से मामले की जांच की मांग की है. सीबर्ट ने सोमवार को यह मांग फिर दोहराई. कहा, रूस खुद ही पूरा मामला सार्वजनिक करे. प्रवक्ता ने कहा, जर्मनी अपने यूरोपीय मित्र देशों के साथ अगले कदम को लेकर विचार-विमर्श कर रहा है. रूसी राष्ट्रपति का क्रेमलिन कार्यालय इस मामले में सरकारी हाथ होने से पहले ही इन्कार कर चुका है. कार्यालय ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और अन्य विश्व नेताओं को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया है.  (फोटो-AFP)

जर्मनी ने रूस से मामले की जांच की मांग की है. सीबर्ट ने सोमवार को यह मांग फिर दोहराई. कहा, रूस खुद ही पूरा मामला सार्वजनिक करे. प्रवक्ता ने कहा, जर्मनी अपने यूरोपीय मित्र देशों के साथ अगले कदम को लेकर विचार-विमर्श कर रहा है. रूसी राष्ट्रपति का क्रेमलिन कार्यालय इस मामले में सरकारी हाथ होने से पहले ही इन्कार कर चुका है. कार्यालय ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल और अन्य विश्व नेताओं को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया है.  (फोटो-AFP)

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 नोविचोक सोवियत संघ के जमाने का नर्व एजेंट है. कहा जाता है कि रूसी खुफिया एजेंसी अपने बड़े शिकार को आसानी से मारने के लिए इसका इस्तेमाल करती है. इसको 1960 से 1970 के दशक में बनाया गया था. इस जहर को रूस की चौथी पीढ़ी के रसायनिक जहर को विकसित करने के कार्यक्रम फोलेन्ट के जरिए बनाया गया था. 1990 के पहले दुनिया को इस नर्व एजेंट के बारे में मालूम ही नहीं था. रूसी वैज्ञानिक डॉ विल मिर्जानोव ने अपनी किताब स्टेट सीक्रेट्स में इस जहर के बारे में बताया था.  (फोटो-AFP) नोविचोक सोवियत संघ के जमाने का नर्व एजेंट है. कहा जाता है कि रूसी खुफिया एजेंसी अपने बड़े शिकार को आसानी से मारने के लिए इसका इस्तेमाल करती है. इसको 1960 से 1970 के दशक में बनाया गया था. इस जहर को रूस की चौथी पीढ़ी के रसायनिक जहर को विकसित करने के कार्यक्रम फोलेन्ट के जरिए बनाया गया था. 1990 के पहले दुनिया को इस नर्व एजेंट के बारे में मालूम ही नहीं था. रूसी वैज्ञानिक डॉ विल मिर्जानोव ने अपनी किताब स्टेट सीक्रेट्स में इस जहर के बारे में बताया था.  (फोटो-AFP)

नोविचोक सोवियत संघ के जमाने का नर्व एजेंट है. कहा जाता है कि रूसी खुफिया एजेंसी अपने बड़े शिकार को आसानी से मारने के लिए इसका इस्तेमाल करती है. इसको 1960 से 1970 के दशक में बनाया गया था. इस जहर को रूस की चौथी पीढ़ी के रसायनिक जहर को विकसित करने के कार्यक्रम फोलेन्ट के जरिए बनाया गया था. 1990 के पहले दुनिया को इस नर्व एजेंट के बारे में मालूम ही नहीं था. रूसी वैज्ञानिक डॉ विल मिर्जानोव ने अपनी किताब स्टेट सीक्रेट्स में इस जहर के बारे में बताया था.  (फोटो-AFP)

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 नोविचोक जहर इससे पहले 2018 में भी सुर्खियों में था. जब रूस के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रीपाल और उनकी बेटी यूलिया पर ब्रिटेन के सैलिसबरी शहर में इस जहर से हमला किया गया था. उस समय भी ब्रिटेन और रूस के संबंध काफी खराब हो गए थे. बताया जाता है कि स्क्रीपाल डबल एजेंट बन गया था. वह रूस की खुफिया जानकारी ब्रिटेन के साथ साझा कर रहा था. इसी के कारण उसकी हत्या कर दी गई थी.  (फोटो-AFP) नोविचोक जहर इससे पहले 2018 में भी सुर्खियों में था. जब रूस के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रीपाल और उनकी बेटी यूलिया पर ब्रिटेन के सैलिसबरी शहर में इस जहर से हमला किया गया था. उस समय भी ब्रिटेन और रूस के संबंध काफी खराब हो गए थे. बताया जाता है कि स्क्रीपाल डबल एजेंट बन गया था. वह रूस की खुफिया जानकारी ब्रिटेन के साथ साझा कर रहा था. इसी के कारण उसकी हत्या कर दी गई थी.  (फोटो-AFP)

नोविचोक जहर इससे पहले 2018 में भी सुर्खियों में था. जब रूस के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रीपाल और उनकी बेटी यूलिया पर ब्रिटेन के सैलिसबरी शहर में इस जहर से हमला किया गया था. उस समय भी ब्रिटेन और रूस के संबंध काफी खराब हो गए थे. बताया जाता है कि स्क्रीपाल डबल एजेंट बन गया था. वह रूस की खुफिया जानकारी ब्रिटेन के साथ साझा कर रहा था. इसी के कारण उसकी हत्या कर दी गई थी.  (फोटो-AFP)