नई दिल्ली लंबे समय से आर्थिक तौर पर संघर्ष कर रही सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइंस एअर इंडिया खुद को अपग्रेड करने के लिए अपनी 50 से अधिक रीयल्टी संपत्तियों और जमीन को बेचने का फैसला किया है। कंपनी का चालू वित्त वर्ष में इस तरह की संपत्तियों को बेचकर 500 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य है. एयरलाइंस ने रीयल एस्टेट की उन संपत्तियों को इस बिक्री में फिर से शामिल किया है जो पिछली बार अधिक कीमत की वजह से नहीं बिक सकीं।

बीते फरवरी में की गई संपत्ति बिक्री में रीयल एस्टेट में छाई मंदी ने भी एअर इंडिया को निराश किया था। सरकारी एयरलाइंस ने इस बिक्री के लिए जिन अपार्टमेंट्स को बोली में शामिल किया है।उनमें मुंबई के बांद्रा, माहिम, खार, कोलाबा, कफ परेड और मलाड क्षेत्र के अपार्टमेंट शामिल हैं।

इसी प्रकार, बेंगलुरु के इंदिरानगर, अहमदाबाद के नवरंगपुरा और मेमनगर क्षेत्र के अपार्टमेंट हैं।इसके अलावा भूमि पार्सल में कोलकाता, पुणे, भुज, गोवा, ग्वालियर, त्रिवेंद्रम और नाशिक शहर शामिल हैं। 

इन संपत्तियों की बोली ई-नीलामी कंपनी एमएसटीसी लिमिटेड के द्वारा लगाई जाएगी। आवासीय फ्लैट और जमीन की ई-बोली 12 अक्टूबर तक लगाई जा सकेगी. नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एयरलाइंस के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी को चालू वित्तीय वर्ष में इन संपत्तियों को बेचकर 500 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है. 

उन्होंने कहा कि फरवरी में कंपनी ने ऐसी संपत्तियां बेचकर 30 से 35 करोड़ रुपए जुटाए थे. यहां बता दें कि एअर इंडिया पर फिलहाल 55,000 करोड़ रुपए का कर्ज है जिसमें 21,000-22,000 करोड़ रुपए सिर्फ एयरक्राफ्ट का बकाया है.