नई दिल्ली: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का पता अब बदल जाएगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार(12 जुलाई) को नई दिल्ली में विभाग की नई इमारत का उद्घाटन करेंगे। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का पता दिल्ली के जनपथ रोड पर 24 तिलक मार्ग होगा। विभाग की इस नई इमारत को लगभग 45।5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस इमारत की खास बात ये है कि इसमें सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। 

लाइब्रेरी के लिए भी खास कॉर्नर
इस विभाग में केंद्रीय पुरात्तव पुस्तकालय के लिए भी एक खास कॉर्नर बनाया गया है। इस पुस्तकायल में लगभग15 लाख किताबें और पत्रिकाएं उपलब्ध होंगी। ASI की इस बिल्डिंग के निर्माण में फ्लाई ऐश ब्रिक्स का इस्तेमाल किया गया है। विभाग की नई इमारत के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा ने बातचीत में कहा कि भारतीय पुरातत्व विभाग की इस नई आधुनिक बिल्डिंग से भारतीय संस्कृति और सभ्यता को सहेजने में और ज़्यादा मदद मिलेगी, क्योंकि ASI का ये भवन काफी हाईटेक बनाया गया है।

क्या होगी पुरात्तव विभाग की नई इमारत की खासियत

2 कॉंफ्रेंस हॉल
वीडियो कॉंफ्रेंसिंग की सुविधा
ऑडियो विज़्युल रूम
भूकंपरोधी भवन
रेन वॉटर हारवेस्टिंग सिस्टम
25KLD सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और Recycling की सुविधा
केन्द्रीय पुरातत्व पुस्तकालय
विकलांगों के लिए पुस्तकालय में सुविधाएं
हाई स्पीड इंटरनेट
बेसमेंट पार्किंग

ताजमहल पूरी तरह से सुरक्षित
विभाग की नई इमारत की जानकारी देते हुए, महेश शर्मा ने कहा, ताजमहल पूरी तरह से संरक्षित व सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च संस्था है और हम उनके हर आदेश का पालन करते हैं। सरकार का बचाव करते हुए संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा ने बताया कि केन्द्र सरकार, यूपी सरकार और संस्कृति मंत्रालय एक साथ मिलकर इस ऐतिहासिक धरोहर को संभालने व संजोने के लिए तत्पर है। ताजमहल को पर्यटन की दृष्टि से बेहतरीन बनाने पर लगातार काम चल रहा है।

ताजमहल के खराब होते हुए रंग के लिए प्रदूषण जिम्मेदार
महेश शर्मा ने ताजमहल का रंग पीला होने के सवालों पर प्रदूषण को ज़िम्मेदार बताते हुए कहा कि मुल्तानी मिट्टी से ताजमहल का रंग साफ किया जा रहा है, जिसके नतीजे भी सामने आ रहे हैं। यही नहीं यमुना नदी के गिरते जलस्तर की वजह से कीट पैदा होते हैं और ताजमहल की दीवारों पर गंदगी करते हैं, जिसे हर सप्ताह साफ कराया जाता है। उन्होंने कहा कि सफेद संगमरमर की इमारत और उसके रखरखाव के लिए सरकार तत्पर है और उसके संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है।