दौसा, एसीबी ने दौसा में बड़ी कार्रवाई करते हुए छापा मारा है। एसीबी ने यह छापा महिला एंव बाल विकास विभाग के आॅफिस में मारा है। एसीबी आईजी वी के सिंह के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। दरअसल, हाल ही में महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान, जयपुर ने राजसिको के मार्फत 12 करोड़ 98 लाख 75 हजार 200 रूपये की स्टील फर्नीचर खरीदे थे।

राजसिको ने अनुबन्ध दरों पर राजसिको से सम्बन्धित 21 आपूर्तिकर्ता फर्मों के मार्फत टेबल, कुर्सी, आलमारी स्टील फर्नीचर की खरीद की है। आपूर्ति सम्बन्धित सी.डी.पी.ओ. को की गई है। एसीबी को सूत्रों से आपूर्ति किए गए माल की गुणवत्ता खराब होने की सूचना मिली और मामला दर्ज किया। एसीबी की टीम ने इसको लेकर यहां छापा मारा और सी.डी.पी.ओ. दौसा (शहर) व सी.डी.पी.ओ. दौसा (ग्रामीण) के साथ मैसर्स खण्डेलवाल एण्टरप्राईजेज, राजसिको एवं सप्लायर फर्म मैसर्स खण्डेलवाल एण्डरप्राईजेज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जांच की।

जांच के दौरान एसीबी को गुणवत्ता खराब होने के साथ-साथ सभी फर्नीचर के वजन में निर्धारित मापदण्ड की तुलना में भारी कमी पाई गयी है, जहॉ स्टील आलमारी का वजन 38.400 किलोग्राम होना चाहिए था। लेकिन वजन मात्र 21.600 किलोग्राम पाया गया है। साथ ही स्टील शीट की मोटाई .9 एम.एम. की बजाय .6 एम.एम. पायी गई।

खास बात ये है कि एसीबी की टीम ने शिकायत के बाद मैसर्स खण्डेलवाल एण्टरप्राईजेज की फैक्ट्री को चैक किया तो यहां राजसिको के द्वारा वांछित गुणवत्ता का माल तैयार करने की सुविधा फैक्ट्री पर नहीं पायी गयी थी। साथ ही गड़बडी के केन्द्र में राजसिको द्वारा वर्कऑर्डर जारी करते समय विशिष्टताएं आधी-अधूरी लिखी गई थी। माल आपूर्ति लेने से पहले न तो राजसिको और न ही आई.सी.डी.एस. विभाग के अधिकारियों ने गुणवत्ता की जॉच की। राजसिको व आई.सी.डी.एस. के अधिकारियों की आपूर्तिकर्ता फर्मों से मिलीभगत की जॉच राजकुमार शर्मा, पुलिस निरीक्षक द्वारा की जा रही है।