नई दिल्ली: भारतीय मौसम विभाग ने अप्रैल से जून के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में औसत तापमान सामान्य से अधिक रहने की चेतावनी दी. इस अवधि को गर्मी का मूल मौसम माना जाता है. विभाग ने कहा कि पूर्वी, पूर्वी- मध्य तथा दक्षिणी भारत जिसमें ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना शामिल हैं, में इस दौरान तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है.  इससे संकेत मिलता है कि मानसून सही समय पर रहेगा. औसत तापमान के सामान्य से अधिक रहने के पूर्वानुमान से पता चलता है कि उत्तर एवं मध्य भारत में पिछले पांच साल से देखे जा रहे चलन के अनुसार इस बार भी गर्मियां पहले से अधिक गर्म होंगी.

पिछले साल को भारतीय मौसम विभाग समेत देशकी अन्य मौसम संबंधी एजेंसियों ने अब तक का सबसे गर्म साल करार दिया था.  उससे पहले 2016 को1901 के बाद का सबसे गर्म साल बताया गया था.  उस साल राजस्थान के फालोदी में तापमान 51 डिग्री तक पहुंच गया था जो भारत में किसी भी जगह पर दर्ज किया गया तब तक का सर्वाधिक तापमान था. इस साल के पूर्वानुमान में सामान्य से अधिक तापमान रहने के बाद भी राहत की बात है कि यह पिछले साल के औसत से कुछ ही अधिक होगा. भारतीय मौसम विभाग द्वारा आज किया गया पूर्वानुमान आगामी गर्मी के मौसम के बारे में किया गया दूसरा मौसमी पूर्वानुमान है.

पारा पहले ही उछाल मारना शुरू कर चुका है.  दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में यह मार्च में ही40 डिग्री को छू चुका है.  इसी कारण विभाग को मजबूरन28 फरवरी को भी पूर्वानुमान घोषित करना पड़ा था. विभाग के महानिदेशक के. जे. रमेश ने कहा कि पूर्वी, पूर्वी- मध्य तथा दक्षिणी भारत में चक्रवातीय तूफान के कारण तापमान सामान्यत: कम रहेगा. भू- विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. राजीवन ने कहा, ‘‘ यह इस बात का भी सूचक है कि मानसून का आगमन समय पर होगा. ’’