जोधपुर भारतीय सेना ने पोखरण फायरिंग रेंज में गुरुवार शाम देश में निर्मित हॉवित्जर तोप के-9 वज्र-टी की लम्बी दूरी तक मार करने की क्षमता का परीक्षण किया। पिछले परीक्षण के बाद इसमें 13 सुधार किए गए हैं। 40 से 50 किमी रेंज वाली इस तोप से छह गोले दागे गए। सभी गोलों ने अपने लक्ष्य पर अचूक प्रहार करते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया।

सैन्य सूत्रों के मुताबिक, मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत वज्र को निजी क्षेत्र की कंपनी लार्सन एंड टूब्रो ने बनाया है। सेना ने 155 एमएम की इस हॉवित्जर तोप के पिछले परीक्षण के दौरान कुछ सुधार करने को कहा था। सुधार के बाद एडवांस्ड तोप का पोखरण फायरिंग रेंज में सेना ने एक बार फिर से परीक्षण किया। यह तोप खास तौर से रेगिस्तान की परिस्थियों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। अगले कुछ दिनों में इसे सेना में शामिल कर लिया जाएगा। तोप को पश्चिमी सीमा पर तैनात किया जाएगा।

देश में निर्मित हैं तोप के 50% पुर्जे : लार्सन एंड टूब्रो ने दक्षिण कोरिया की कंपनी टेकविन के साथ मिलकर इस तोप का निर्माण किया है। गुजरात के हजीरा में इसका का कारखाना स्थापित किया गया है। तोप में 50% सामग्री देश में ही निर्मित की गई है। सेना ने साढ़े चार हजार करोड़ में 100 तोपों का ऑर्डर दिया है। कंपनी ने यह ऑर्डर वैश्विक स्तर पर जारी टेंडर में रूसी कंपनी को पछाड़ कर हासिल किया था। इन तोपों के मिलने के बाद सेना के पास हॉवित्जर तोप की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी।