जयपुर:बजट घाेषणाओं काे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साेमवार काे सीएमआर से वीडियाे कांफ्रेंस के जरिए कृषि व पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद का कवरेज बढ़ाने, फसल बीमा योजना को तर्कसंगत बनाने, कम पानी वाली फसलों एवं बूंद-बूंद सिंचाई और फव्वारा सिंचाई परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। गहलोत ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए प्रीमियम के रूप में बीमा कम्पनियों को देय 250 करोड़ रुपए के राज्यांश व विभिन्न जिलों में डिग्गी निर्माण के बकाया दायित्वों के भुगतान के लिए 92.2 करोड़ रुपए की राशि कृषक कल्याण कोष से स्वीकृत की।

कृषकों को नवाचारों के लिए प्रशिक्षण देने पर भी चर्चा हुई

गहलोत ने स्टाम्प ड्यूटी पर देय 20 प्रतिशत अधिभार का 50 प्रतिशत हिस्सा प्रदेशभर में संचालित गौशालाओं को गायों के संरक्षण तथा गौ-वंश के संवर्धन के लिए अनुदान के रूप में देने का निर्णय भी लिया। पूर्व में गायों के संरक्षण तथा गौ-वंश के संवर्धन के लिए स्टाम्प ड्यूटी पर 10 प्रतिशत अधिभार देय था।

कोविड-19 महामारी को देखते हुए पिछले दिनों स्टाम्प ड्यूटी पर अधिभार को 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया। साथ ही, अधिभार से प्राप्त राशि का उपयोग प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं सूखा, बाढ़, महामारी, लोक स्वास्थ्य की तात्कालिक जरूरतों, आगजनी आदि के प्रभाव को कम करने के लिए किया जाना भी प्रस्तावित किया गया। अब स्टाम्प ड्यूटी पर कुल 20% अधिभार का आधा हिस्सा गौ-वंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ही व्यय करने के निर्णय से गौ-वंश के संरक्षण के लिए पूर्ववत ही फण्ड उपलब्ध रहेगा।

बैठक में ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग, किसानों के लिए विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीजों की उपलब्धता, कृषकों को नवाचारों के लिए प्रशिक्षण देने एवं प्रोत्साहित करने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के विकल्प व प्रदेश में फलों और फूलों के उत्पादन को प्रोत्साहन देने तथा केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित कृषि से जुड़े तीन अधिनियमों आदि विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।