नई दिल्ली:चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद (Border Dispute With China) के बीच भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) की मारक क्षमता में और इजाफा होने जा रहा है. नवंबर महीने में वायुसेना के बेडे़ में तीन से चार और राफेल विमान (Rafale Fighter Jet) शामिल किए जाएंगे. राफेल विमानों की ये किश्त नवंबर के शुरुआती सप्ताह में फ्रांस से भारत के अंबाला एयरबेस (Ambala Airbase) पर आएगी.

राफेल विमानों की संख्या 8 से 9 हो जाएगी
ये राफेल विमानों की भारत में आने वाली दूसरी खेप होगी. पहली खेप बीती 28 जुलाई को भारत आई थी. एक सरकारी सूत्र ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि इन विमानों के आने के साथ ही राफेल विमानों की संख्या 8 से 9 हो जाएगी. चीन के साथ सीमा विवाद की स्थिति को देखते हुए इन्हें जल्दी ही वायुसेना में शामिल कर लिया जाएगा. गौरतलब है कि पहली खेप के राफेल विमान पहले ही ऑपरेशनल स्थिति में हैं. साथ ही ये विमान कॉन्फ्लिक्ट जोन में तैनात भी कर दिए गए हैं.

एयरफोर्स की एक टीम है फ्रांस में
एयरवाइस मार्शन एन. तिवारी की अगुआई वाली एक टीम रिव्यू मीटिंग के लिए फ्रांस गई हुई है. ये रिव्यू टीम सालाना वार्षिक मीटिंग के रूटीन पार्ट के तौर पर फ्रांस गई हुई है. एयरफोर्स राफेल विमानों की एक-एक स्क्वाड्रन को अंबाला और पश्चिम बंगाल के हाशिमारा एयरबेस पर तैनात करेगी.

2016 में भारत ने किया था समझौता
गौरतलब है कि सितंबर 2016 में भारत ने फ्रांस सरकार और दसॉ एविएशन के साथ 36 राफेल विमान को लेकर समझौता किया था. राफेल विमानों की पहली खेप को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में अंबाला एयरबेस पर वायुसेना में आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया था. उस कार्यक्रम के दौरान फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पैरी के अलावा भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन सिंह रावत भी मौजूद थे.