चतरा. झारखंड के चतरा जिले राजाकेंदुआ गांव में लड़की को दुष्कर्म के बाद जिंदा जला देने के मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें गांव की मुखिया तिलेश्वरी देवी और पंचायत समिति सदस्य भी शामिल हैं। इन पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। लड़की को आज  जलाकर मारा गया था।

राजकेंदुआ गांव पहुंचे आईजी शंभु ठाकुर ने कहा कि पीड़ित परिवार को डरने की जरूरत नहीं है। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। जरूरत पड़ी तो और फोर्स लगाई जाएगी। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद गांव पहुंचे अधिकारी

- मुख्यमंत्री रघुवर दास के आदेश के बाद कार्रवाई में तेजी आई है। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। पीड़िता के परिवार को एक लाख रुपए की सहायता राशि दी गई है। जांच के लिए चतरा के डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी और आईजी राजाकेंदुआ गांव पहुंचे।मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया था।

मृतका की मां ने लगाया दुष्कर्म-हत्या का आरोप

- मृतक लड़की की मां ने कहा कि मेरी बेटी और उस लड़के के बीच प्रेम संबंध था, लेकिन हमें इसका पता नहीं था। रात में एक रिश्तेदार के घर शादी थी। उसी में लड़का मेरी बेटी को लेकर भाग गया। हमलोग लड़की को खोजने लगे, पता चला कि दोनों साथ थे। सुबह पंचायत में हमने कहा कि लड़की के साथ गलत किया है अब शादी करनी होगी। लड़का इसके लिए तैयार न था। उसके परिवार के

सभी लोगों ने हमारे साथ मारपीट की और मेरी बेटी की हत्या कर दी।

क्या है मामला?

- राजाकेंदुआ गांव की 16 साल की एक लड़की गुरुवार को अपने चाचा के घर शादी में गई थी। रात आठ बजे आरोपी धनु भुइयां उसे बाइक पर ले गया। लड़की के चचेरे भाई ने देख लिया। घरवालों ने बताया कि धनु उसे जबरन अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। शुक्रवार को इस मामले में गांव में पंचायत हुई। इसमें धनु भुइयां पर तीन लाख रुपए जुर्माना और पंचायत में 50 बार उठक-बैठक करने का दंड दिया गया। पंचायत के इस फैसले के बाद आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ लड़की को घर में ही जिंदा जला दिया। मृतका के परिजनों ने 20 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।