11वां विश्व हिंदी सम्मेलन 18-20 अगस्त तक मॉरिशस में होगा। विदेश मंत्रालय मॉरीशस सरकार के सहयोग इसका आयोजन कर रहा है। इसमें हिंदी के करीब 350 विद्वान शिरकत करेंगे। इससे पहले 10वां सम्मेलन 2015 में भोपाल में हुआ था। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय में हिंदी एवं संस्कृत के संयुक्त सचिव अशोक कुमार ने दी है।
सम्मेलन का मुख्य विषय "हिंदी विश्‍व और भारतीय संस्‍कृति" रखा गया है। इसका आयोजन ‘स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय सभा केंद्र’ पाई, मॉरीशस में होगा। दैनिक सम्मेलन-समाचार पत्र, सम्मेलन-स्मारिका और शैक्षिक सत्रों में हुई चर्चाओं व सुझावों के आधार पर एक रिपोर्ट भी प्रकाशित की जाएगी। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की ओर से "गगनांचल" का विशेष अंक निकाला जाएगा।
सम्मेलन के दौरान भारत एवं अन्य देशों के हिंदी विद्वानों को हिंदी के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए "विश्व हिंदी सम्मान” से नवाजा जाएगा। सम्मेलन के दौरान हिंदी भाषा के विकास से संबंधित कई प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा।
11वें विश्व हिंदी सम्मेलन के लिए ‘लोगो’ के लिए 60 हजार रुपए की डिज़ाइन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में अव्वल आने वाले लोगो को सम्मेलन के लिए अपनाया गया है।
अब तक दस हिंदी सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं। पहला विश्व हिंदी सम्मेलन 1975 में नागपुर में आयोजित किया गया था। तब से  विश्व के अलग-अलग भागों में, ऐसे 10 सम्मेलनों का आयोजन किया जा चुका है।