विद्युत निगम ने 311 कराेड़ 41 लाख रुपए की भारी भरकम राशि का बिजली बिल उपभाेक्ता काे जारी कर दिया। इतनी भारी भरकम राशि का बिल जारी हाेते ही इसकी काॅपी साेशल मीडिया पर वायरल हाे गई। जल्द ही इसकी जानकारी निगम अभियंताओं काे लगी और उन्हाेंने उपभाेक्ता काे संशाेधित बिल जारी कर भूल में सुधार कर लिया।

निगम की लेखा शाखा ने 9 जनवरी काे डीजल पावर इंटरनेशनल खुशखेड़ा 80 केवीए डिमांड पर जिसकी यूनिट खपत 24457 है के बिल की राशि 311 कराेड़ 41 लाख रुपए जारी कर दी। यह राशि 25 जनवरी तक जमा करनी थी, लेकिन यह बिल उपभाेक्ता तक पहुंचने से पहले ही वायरल हाे गया। निगम की लेखा शाखा ने इसकी तस्दीक की ताे गलती समझ में आ गई। बताते चलें कि भिवाड़ी उपखंड में करीब 35 हजार उपभाेक्ताओं काे हर महीने 150 से 180 कराेड़ रुपए तक के बिजली बिल जारी हाेते हैं।

एक ही उपभाेक्ता काे 311 कराेड़ का बिजली उपभाेग बिल जारी हाेने से सुनने वाले भी दंग रह गए, जबकि बिल में यूनिट की गणना सामान्य तरीके से ही दर्ज थी। इस मामले में एक्सईएन एससी महावर ने बताया कि साॅफ्टवेयर में गड़बड़ी हाेने से बिल की राशि अधिक हाे गई, बिल उपभाेक्ता काे नहीं दिया गया था।

एआरओ ने बिल जनरेट करने से पहले चेक किया ताे गलती पकड़ में आ गई, उसे तुरंत सुधार लिया गया है। वहीं इस संबंध में बिल में दिए गए नंबर पर बात की ताे खुशखेड़ा में फैक्ट्री हाेने से इंकार किया है।